Aastha Poonia: नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं आस्था पूनिया, यूपी से है खास नाता
Aastha Poonia भारतीय नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट आस्था पूनिया देश का गौरव हैं। उनकी कामयाबी पर वेस्ट यूपी में विशेष खुशी की लहर है। उनका इस क्षेत्र से गहरा नाता है। उनका परिवार मूलरूप से बागपत जिले के गांव हिसावदा का निवासी है। आस्था ने मुजफ्फरनगर के एसडी पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट किया। वर्तमान में उनका निवास मेरठ के श्रद्धापुरी के कंकरखेड़ा में है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर : एक बार फिर वेस्ट यूपी बेटियों की कामयाबी पर इतरा रहा है। इस बार गर्व और गौरव का सुखद अहसास पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनीं आस्था पूनिया ने दिलाया है।
मुजफ्फरनगर में पली-बढ़ी आस्था की प्रारंभिक शिक्षा भी यहीं हुई है। उन्होंने वर्ष 2019 में मुजफ्फरनगर के एसडी पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसकी वजह से स्कूल से उनके परिवार के परिचित समेत जिले के लोग गदगद हैं। उनकी मां संयोगिता चौधरी बघरा स्थित प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका हैं।
आस्था के पिता अरुण पूनिया जवाहर नवोदय विद्यालय सरधना, मेरठ में गणित विषय के अध्यापक हैं। इससे पहले वह वर्ष 2006 से 2021 तक जवाहर नवोदय विद्यालय बघरा में तैनात रहे। इस दौरान उनकी पत्नी संयोगिता चौधरी, बेटी आस्था और बेटा हर्षवर्धन जाट कालोनी सुमन विहार में किराए के मकान में रहते थे।
सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया को भारतीय नौसेना में आधिकारिक रूप से फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया है। वे इस स्ट्रीम में जगह पाने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं।
पिता अरुण पूनिया ने बताया कि वर्तमान में उनका मकान मेरठ के श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा में है। पुत्र हर्षवर्धन ने इसी वर्ष जवाहर नवोदय विद्यालय मेरठ से इंटर की पढ़ाई की है। मूलरूप से वह बागपत जिले के गांव हिसावदा के रहने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि आस्था ने 12वीं भोपा रोड स्थित एसडी पब्लिक स्कूल से 2019 में उत्तीर्ण की। उसके बाद बीटेक (कंप्यूटर साइंस) वनस्थली विद्यापीठ जयपुर से किया। 2023 में एसएसबी में चयनित हुई और एडीमाला, जिला कुन्नूर केरल में एक साल की सामान्य ट्रेनिंग हुई।
इसके बाद एक साल की विशाखापट्टनम में फाइटर पायलट के रूप में ट्रेनिंग हुई। पहली भारतीय फाइटर पायलट बनने का गौरव प्राप्त किया। बता दें कि इससे पहले जिले की बेटी सृष्टि सिंह निवासी द्वारिकापुरी ने गत महीने ही एनडीए पास आउट किया है। वह देश के पहले महिला बैच में शामिल रहीं।
बचपन से था सपना, मुझे भी जहाज उड़ाना है
पिता अरुण पूनिया ने बताया कि आस्था का बचपन से ही यह सपना था कि वह भी जहाज उड़ाए। जब कभी भी मकान के ऊपर से जहाज या हेलीकाप्टर उड़ने की आवाज आती, तो वह घर से बाहर आकर उसे बड़ी रुचि से देखती थी। आस्था ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था, लेकिन फोकस अपने सपने को पूरा करने पर ही था, वह जो चाहती थी, पूरा हो गया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।