गंगा एक्सप्रेस-वे: अटौला इंटरचेंज के लिए जमीन नहीं दे रहे किसान, लखनऊ से किसानों को समझाने आएंगे अधिकारी
गंगा एक्सप्रेस-वे को हापुड़-किठौर मार्ग से जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाने की तैयारी है। इसके लिए अटौला और साफियाबाद लौटी गांवों में 30,307 वर्ग मीटर जमी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मेरठ। गंगा एक्सप्रेस-वे से हापुड़-किठौर मार्ग को जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाने की तैयारी है। यह निर्णय क्षेत्रीय जनता की मांग पर लिया गया है। इंटरचेंज के लिए अटौला और साफियाबाद लौटी गांव की 30,307 वर्ग मीटर जमीन की खरीद होनी है, लेकिन किसानों ने यह कहकर जमीन देने से इनकार कर दिया कि खरीद से पहले जमीन का सीमांकन कराया जाए।
इसके लिए यूपीडा मुख्यालय ने संयुक्त टीम का गठन किया है, इसमें लखनऊ से भी अधिकारी नामित किए गए हैं। माना जा रहा है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में यह संयुक्त टीम सीमांकन का कार्य करेगी।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के मेरठ से बदायूं तक 130 किमी के प्रथम पैकेज का निर्माण पूरा हो गया है। अब क्षेत्रीय जनता की मांग पर इससे हापुड़-किठौर मार्ग को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यहां इंटरचेंज के लिए दो गांवों के किसानों से सीधे जमीन की खरीद की जा रही है, लेकिन अटौला गांव के 18 खसरों के किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया है।
जिला प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजी थी। जिसमें बताया था कि किसानों को संदेह है कि जितनी जमीन उनसे खरीदी जा रही है उससे ज्यादा पर निर्माण किया जाएगा। लिहाजा उन्होंने जमीन खरीद से पहले इंटरचेंज के लिए आवश्यक जमीन का सीमांकन कराने की मांग की थी। यह सीमांकन भी उन्होंने यूपीडा, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम से कराने की शर्त रखी थी।
सीमांकन व पैमाइश के लिए तीन दिन का समय निर्धारित
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेश पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने सीमांकन और पैमाइश के लिए तीन दिन का समय निर्धारित किया है। इसके लिए यूपीडा मुख्यालय से भू-अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनके साथ एक्सप्रेस-वे की संचालनकर्ता एजेंसी आईआरबी इंफ्रा, निर्माणकर्ता एजेंसी एलएनटी, मैसर्स एल एन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. भोपाल और यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी।
इस कार्य के लिए 29 से 31 दिसंबर का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन यह कार्यक्रम टाल दिया गया। अब टीम जनवरी के प्रथम सप्ताह में सीमांकन का कार्य करेगी।
इंटरचेंज के लिए जमीन की खरीद में आ रही बाधा को प्राथमिकता पर हल कराया जा रहा है। जल्द जमीन का सीमांकन कराकर किसानों की मांग को पूरा कर दिया जाएगा।
डॉ. वीके सिंह, जिलाधिकारी

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