बसंत गौतम, मुजफ्फरनगर। Faiz Mohammad Muzaffarnagar कहते हैं कि आस्था जीवन बदल देती है। मुजफ्फरनगर जनपद की मिट्टी से ताल्लुक रखने वाले फैज मोहम्मद बताते है, पांच वर्ष पूर्व बाबा भोलेनाथ ने उन्हें स्वप्न में दिखाई दिए। इसके बाद से वह बाबा का भक्त बन गया, जो निरंतर भोलेनाथ के नाम से कांवड़ लेने जाते है। कहता है कि आस्था जाति-धर्म का बंधन नहीं है। यह मन और मोहब्बत का तालमेल है। इस बार उसने बागपत के पुरा महादेव में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने की ठानी है।

मेरठ के प्राइवेट फार्म में है श्रमिक

मूलरूप से मुजफ्फरनगर के गांव कढ़ली व हाल पता मेरठ बाइपास पर रहने वाले फैज मोहम्मद एक प्राइवेट फार्म में श्रमिक हैं। शुक्रवार को खतौली गंगनहर पटरी पर त्रिवेणी शुगर मिल के कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे तो कांवड़ियों के साथ आयोजकों ने उसको गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। फैज ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व भोलेनाथ उसके स्वप्न में आए और हरिद्वार चलने के लिए कहा, इसके बाद उसकी आस्था शिव शंकर में बढ़ गई।

पांच बार ला चुके हैं कांवड़

पांच बार कांवड़ लाने के बाद उसने अपने नाम के आगे फैज मोहम्मद उर्फ शंकर लिखना शुरू कर दिया। पहले वह अकेला कांवड़ लाता था, लेकिन इस वर्ष उसके गांव का विशंबर भी साथ है। नीलकंठ महादेव का मुस्लिम भक्त को देखकर लोगों ने सौहार्द की मिसाल बताया।

आपसी सौहार्द को बढ़ाया जाए

फैज का कहना है कि वह जाति-धर्म में विश्वास नहीं रखता। वह भगवान शंकर का भक्त है। उनके आर्शीवाद से कांवड़ लेकर आ रहा है। वे मेरठ के काली पलटन औघड़नाथ मंदिर में हरिद्वार से पांच साल से गंगाजल लाकर चढ़ा रहे हैं। इस वर्ष छठीं कांवड़ बागपत के पुरा महादेव में चढ़ाएगा। दोनों समाज मिलकर आपसी एकता और सौहार्द को बढ़ावा दें। फैज ने भाईचारे के साथ सौहार्द का संदेश देने की पहल है।

भक्ति में डूबे लोग, भोलों के साथ झूमे लोग

इस बीच कांवड़ मार्गें पर कांवड़ियों का सैलाब बढ़ता जा रहा हैं। विशाल डीजे से युक्त निकल रही कांवड़ और कलाकारों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। शुक्रवार की सुबह से ही राष्ट्रीय राजमार्ग-58, मेन रोड और चौधरी चरण सिंह गंग नहर कांवड़ पटरी मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा। दिनभर कांवड़ियां अपने गंतव्य की ओर कदम बढ़ाते नजर आए। शाम को रंग-बिरंगी लाइटों से सराबोर बड़ी कांवड़ों और एक से बढ़कर एक सुंदर झांकियों का रेला देर रात तक चलता रहा। इनके साथ चल रहे। डीजे से कस्बा गूंज उठा।

Edited By: Prem Dutt Bhatt