Dengue In Meerut: मेरठ में डेंगू के चार और मरीज मिले, आंकड़ा पहुंचा दो सौ के पार, सावधानी बरतें
Dengue In Meerut मेरठ में बुधवार को चार और डेंगू के मरीज मिले हैं। इनमें 11 सक्रिय केस हैं। छह अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि पांच का घर पर उपचार चल रहा है। अब शहर में डेंगू के मामले 200 की संख्या को पार गए हैं। एहतियात बरतना जरूरी है।

मेरठ, जागरण संवाददाता। Dengue In Meerut मेरठ में डेंगू के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। शहर में डेंगू का प्रकोप लगातार जारी है। अब तक जिले में 202 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। बुधवार को चार और डेंगू के मरीज मिले हैं। इनमें 11 सक्रिय केस हैं। छह अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि पांच का घर पर उपचार चल रहा है। वहीं, 191 मरीज अब तक ठीक भी हो चुके हैं। उधर, बुधवार को कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया है।
घर पर भी चल रहा उपचार
मेरठ जिले में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को डेंगू के नौ मरीज आए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। अन्यथा अब तक तीन से पांच मरीजों को ही औसत प्रतिदिन आ रहा है। अब तक जिले में कुल 198 मरीज आ चुके हैं। इनमें 19 सक्रिय केस हैं। नौ अस्पताल में भर्ती हैं। साथ ही 10 का घर पर ही उपचार चल रहा है। वहीं, 179 मरीज अब तक ठीक भी हो चुके हैं।
40 बेड का अलग अस्पताल
उधर, डेंगू के मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्कता बरत रहा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान का कहना है कि पीएल शर्मा जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए एक 40 बेड का अलग अस्पताल बनाया गया है। जहां भर्ती होने वाले मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। इसके साथ ही मलेरिया विभाग की टीम भी ऐसे क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रही हैं। उधर, मंगलवार को कोरोना का कोई नया मरीज सामने नहीं आया है।
मुजफ्फरनगर में डेंगू बुखार से महिला की मौत
मुजफ्फरनगर जिले के मोरना में तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में डेंगू बुखार से पीडित महिला ने सोमवार को उपचार के दौरान मेरठ के निजी अस्पताल में दम तोड दिया था। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। संतों ने डीएम से तीर्थनगरी में फोगिंग व दवाई का छिड़काव कराने की मांग है। भोपा थाना क्षेत्र की तीर्थ नगरी शुकतीर्थ निवासी रामप्रकाश शर्मा प्रसाद बेचने की दुकान करते है। जिनकी 38 वर्षीय पत्नी शिवानी बीते कई दिनों से डेंगू बुखार से पीडित थी।
अचानक बिगड़ी तबीयत
जिनका इलाज मेरठ के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। सोमवार की सुबह शिवानी की तबियत तेजी से बिगड़ गई तथा कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे चार बच्चे छोड़ गई है। शिवानी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पूर्व प्रधान नीरज रॉयल शास्त्री ने बताया कि नगरी में डेंगू का प्रकोप जारी है। कई मरीज डेंगू बुखार से बीमार हैं। साधु-संतों ने डीएम से तीर्थनगरी में फोगिंग व दवाई छिड़काव कराने की मांग की है।
यह लक्षण दिखे तो हो जाएं सावधान
- सिर में अधिक और लगातार सिरदर्द होना।
- मांसपेशियां, हड्डियों, जोड़ों में दर्द रहना।
- हर समय इंसान का जी मिचलाते रहना।
- बुखार के समय उल्टी आना।
- आंखों के पीछे दर्द होना।
- ग्रंथियों में सूजन आना।
- त्वचा पर लाल चकत्ते होना।
तीन तरह का होता है डेंगू
हल्का डेंगू बुखार : इसके लक्षण मच्छर के काटने के एक हफ्ते बाद देखने को मिलते हैं।
डेंगू रक्तस्त्रावी बुखार : इसके लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे कुछ दिनों में गंभीर हो जाते हैं।
डेंगू शाक सिंड्रोम : यह डेंगू का सबसे खतरनाक गंभीर रूप हैं। यहां तक की यह मौत का कारण बन जाता है।
इस तरह से करें बचाव
- पूरी बाजू के कपड़े पहने। जूते मौजे के साथ पहने।
- अपने घर और आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
- बासी भोजन कतई न करें।
- दूषित पानी बिलकुल न पीए।
यह भी पढ़ें : Road Safety In Meerut: घायलों को पता ही नहीं, वित्तीय मदद का भी है प्रावधान, विभाग में नहीं आते आवेदन
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।