Meerut News: मरम्मत के दौरान विद्युत खंभे से गिरकर संविदा कर्मी की मौत, कोहराम; विद्युत मजदूर पंचायत में आक्रोश
सोफीपुर में 33 केवी लाइन में कार्य करते समय संविदा लाइनमैन की पोल से गिरने से मौत हो गई। सदर के नुनिया मोहल्ले का निवासी संजय सिंह उम्र 51 वर्ष परिवार में सबसे बड़े थे। पत्नी आशा और तीन बच्चे हैं। उन अपने बूढ़े माता पिता की जिम्मेदारी थी। हादसे की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पिता महेंद्र सिंह तोमर का रो - रो कर बुरा हाल था।

जागरण संवाददाता, मोदीपुरम। सोफीपुर में 33 केवी लाइन में कार्य करते समय संविदा लाइनमैन की पोल से गिरने से मौत हो गई। जल्दबाजी में उसे रैपिड एकस का कार्य में प्रयुक्त पिकप वाहन में ले कर एसडी ग्लोबल हास्पिटल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सदर के नुनिया मोहल्ले का निवासी संजय सिंह उम्र 51 वर्ष परिवार में सबसे बड़े थे। पत्नी आशा और तीन बच्चे हैं। उन अपने बूढ़े माता पिता की जिम्मेदारी थी। हादसे की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पिता महेंद्र सिंह तोमर का रो - रो कर बुरा हाल था।
संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत था मृतक
संजय सिंह संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे। लेडीज पार्क बिजली उपकेंद्र पर कार्यरत संजय सोफीपुर में 33 केवी लाइन में फाल्ट को खोजने दो अन्य कर्मियों के साथ गए थे। शट डाउन लिया गया था। दो जंफर खोलने के बाद वह तीसरा जंफर खोल रहे थे तभी नीचे गिर पड़े। आसपास लोगों की भीड़ लग गई।
लेडीज पार्क बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर प्रवीन कुमार ने पल्लवपुरम थाने में काम करते हुए पोल से पैर फिसलकर गिरकर मौत होने की तहरीर दी।
थानाध्यक्ष पल्लवपुरम राजेश कांबोज का कहना है कि तहरीर के आधार पर पोस्टमार्टम कराया गया है। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए सूरजकुंड ले जाया गया। जहां बड़ी संख्या में पविविनिलि के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
समान कार्य समान वेतन की मांग
पविविनिलि विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष दिलमणि प्रसाद थपलियाल ने बताया कि संविदा कर्मियों को आठ से 10 हजार रुपये वेतन मिलता है। जबकि बिजली आपूर्ति सुचारु रखने की जिम्मेदारी इन्हीं संविदा कर्मियों पर होती है। ऊंचे पोलों पर काम करना जोखिम भरा काम होता है। समान कार्य समान वेतन और समान सुविधाओं की मांग संगठन लंबे समय से उठा रहा है।
हर दिन होते हैं कई हादसे
पूरे प्रदेश में इस तरह के चार पांच हादसे प्रतिदिन होते हैं। इसके बावजूद इन कर्मियों को न सुविधाएं मिलती हैं और न ही उचित मुआवजा। अधिशासी अभियंता महेश कुमार ने बताया कि जंफर खोलने के दौरान संविदा कर्मी की पोल से गिरने से मौत हुई है। मुआवजे की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर दी जाएगी।
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