मेरठ जोन में पुलिस का एक साल का गुडवर्क: 22 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त, 4163 अपराधियों को मिली सजा
एडीजी भानु भास्कर ने जोन में पुलिस के एक साल के गुडवर्क का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। पुलिस ने 4163 अपराधियों को सजा दिलाई और साइबर अपराधों में ₹1.57 कर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। एडीजी भानु भास्कर ने भी एक साल में जोन में हुए गुडवर्क का लेखा-जोखा बयां कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि 4163 अपराधियों को पुलिस की मजबूत पैरवी से सजा हुई है। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2021 से 15 दिसंबर 2025 तक 5653 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही ठगी हुई एक करोड़ 57 लाख की रकम बरामद की गई। 7658 मोबाइल नंबर बंद किए गए।
एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से 19,86,39, 935 रकम सीज कराई। 12 अपराधियों पर रासुका की कार्रवाई की गई, जबकि 365 पर गैंग्स्टर और 2536 पर गुंडाएक्ट की कार्रवाई की गई। अवैध तरीके से कमाई अपराधियों की 22 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।
साथ ही 176 पर बदमाशों पर 25 हजार, आठ बदमाशों पर 50 हजार और तीन अपराधियों पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया। अपराधियों के 766 गैंग रजिस्टर्ड कर 294 गैंग के सरगना और सदस्यों पर कार्रवाई की गई है। 129 लोगों को जिला बदर भी कर दिया गया।
खूब चले अभियान, न हादसे रुके न जाम
जोन में हादसों के 123 प्वाइंट चिन्हित, 234 पर चेतावनी के लिए बोर्ड लगाए, 12945 वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए, 728 स्थानों से अधिक्रमण हटाया, 105 सड़कों की गति सीमा तय की और यातायात व्यवस्था में 1651 पुलिसकर्मियों को लगाया गया। उसके बाद भी जोन में हादसे रोकने में पुलिस नाकाम ही साबित हुई है।
अकेले मेरठ जनपद की बात करें, हर रोज एक व्यक्ति का मरना हादसे में तय है। यही हालात जाम के है। जाम से निजात दिलाने में भी जोन में चलाए अभियान कोई फायदा नहीं दिला सकें है। जोन के सभी जनपदों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है।
| अपराध | 2016 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|
| डकैती | 38 | 9 | 4 |
| लूट | 874 | 169 | 101 |
| हत्या | 862 | 342 | 314 |
| दुष्कर्म | 544 | 269 | 208 |

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