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    यूपी में हाड़ कंपाने वाली ठंड से आलू की फसल को कैसे बचाएं? विशेषज्ञों से समझें

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:24 PM (IST)

    मऊ में कड़ाके की ठंड और पाले से जनजीवन प्रभावित है। अधिकतम तापमान 17°C और न्यूनतम 10°C दर्ज किया गया। सूर्यदेव के दर्शन न होने से लोग अलाव तापते दिखे। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, मऊ। आसमान से पाला बरस रहा है। इसकी वजह से जनजीवन जहां पूरी तरह से ठिठुर गया है वहीं आलू की फसल प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को आलू की फसल को बचाने का सलाह दे रहे हैं।

    दूसरी तरफ सर्द हवाएं लगातार बहने से पारा लुढ़कता जा रहा है। अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड व गलन से हर कोई परेशान है। शनिवार को दिनभर सूर्यदेव का दर्शन नहीं हुआ। जगह-जगह लोग अलाव तापते देखे गए।

    शुक्रवार को अधिकतम पारा 17 व न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को भी तापमान यही रही, लेकिन दिनभर आसमान से पाला बरसता रहा।

    शुक्रवार को धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली थी लेकिन शाम पांच बजे के बाद ही सर्द हवाएं शुरू हो गई। गलन इतनी बढ़ी कि सात बजे तक सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। कम ही लोग सड़कों पर दिखाई दे रहे थे।

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    रात में बारह बजे के बाद पाला बरसने लगा। सुबह हल्का कोहरे के साथ पाला से लोगों की हालात खराब थी। घरों में लोग दुबके रहे। सुबह आठ बजे तक सड़कें सूनी नजर आ रही थीं। सुबह नौ बजे के बाद कुछ लोग सड़कों पर दिखे। सड़कों पर चलने पर आगे का हिस्सा पूरी तरह से भीग जा रहा था।

    सड़कों पर निकलने वाले लोग पूरी तरह से ऊनी कपड़ों से लैस थे। बाइक सवार भी हेलमेट लगा कर चल रहे थे। स्कूलों में छुट्टी होने की वजह से बच्चे राहत महसूस कर रहे थे। जिला प्रशासन की तरफ से रैन बसेरा में लाेगों की ठहरने की व्यवस्था की गई है। साथ ही हर जगहों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।

    पाला से बचाने को आलू की फसल के लिए यह करें छिड़काव

    कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. विनय कुमार सिंह का कहना है कि आलू की फसल में पाला की संभावना है। ऐसे में किसान अलर्ट रहे। वह सायनिक नियंत्रण के लिए कीटनाशक थायक्लोप्रिड 21.7 प्रतिशत एससी या फ्रिप्रोनिल 5 प्रतिशत एससी दवा का 0.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोर छिड़काव करना चाहिए।

    जिन खेतों में झुलसा रोग का प्रकोप हो गया हो तो ऐसी स्थिति में रोकथाम के लिए अंत:ग्राही फफूदनाशक मेटालेक्जिकल युक्त रसायन दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर अथवा साइमोक्जोनिल फफूंदनाशक युक्त रसायन तीन किग्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर प्रथम छिड़काव करें तथा आठ से दस दिन बाद द्वितीय छिड़काव करें।

    तापमान की स्थिति-

    तारीख अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C)
    28 दिसंबर 19 11
    29 दिसंबर 20 09
    30 दिसंबर 19 07
    31 दिसंबर 15 09
    01 जनवरी 21 10
    02 जनवरी 17 10
    03 जनवरी 17 10

     

     

    वर्तमान समय में पाला पड़ रहा है। इससे आलू की फसल को काफी नुकसान होने की संभावना है। पाला से झुलसा रोग प्रभावित करेगा। ऐसे में किसान समय-समय पर आलू की फसल की सिंचाई करते रहें। खासकर पिछैती फसलों में इसका प्रभाव ज्यादा रहेगा।
    -संदीप गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी

    मौसम ने बदला करवट, घर में दुबके लोग

    मधुबन (मऊ) : दो दिन धूप निकलने के बाद शनिवार को मौसम ने ऐसा करवट बदला की लोग घर में दुबकने के लिए मजबूर हो गए। शाम तक धूप न निकलने की वजह से पूरा क्षेत्र ठंड के आगोश में समाया रहा ।क्षेत्र में पिछले दिनों लगभग एक पखवाड़े से भीषण ठंड के चलते लोग वैसे ही परेशान थे। लेकिन नववर्ष तथा उसके अगले दिन चटक धूप निकलने की वजह से लोगों ने राहत महसूस किया।

    वहीं किसान भी अपने फसल की सिंचाई में जोर-शोर से जुट गए थे। लेकिन शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदल लिया। सुबह से लेकर शाम तक सूर्य का दर्शन नहीं हुआ और लोग घर में अलाव के पास बैठकर ठंड से बचाव करते रहें।