यमुना एक्सप्रेसवे हादसा : 'आंखों के सामने जिंदा जली मां', DNA मैच ना होने पर हमीरपुर की पार्वती बोली- कैसे मान लूं वो बस में नहीं थीं
यमुना एक्सप्रेसवे पर 16 दिसंबर को हुए हादसे में लापता भोलू और पार्वती के परिजन परेशान हैं। 18 शवों की डीएनए जांच से पहचान हो गई, लेकिन इन दोनों का डीए ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर गत 16 दिसंबर को हुए हादसे में लापता भोलू और पार्वती के स्वजन के आंसू रो-रोकर सूख गए हैं। जिन 18 लोगों के शव प्रशासन को बसों में मिले, उनकी डीएनए जांच से पहचान हो गई। इन दोनों का पता नहीं। पार्वती के बच्चे कहते हैं कि आंखों के सामने मां बस में लगी आग में जिंदा जल गई, हम कैसे मान जाएं कि बस में उनका शव नहीं मिला।
अब पांच सदस्यीय कमेटी इसकी पड़ताल कर रही है। वह दोनों के गांव से लेकर सफर तक हर पहलू की जांच कर रही है। 16 दिसंबर को यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 127 पर नौ वाहन आपस में टकराए और उनमें आग लग गई। आग में जलीं आठ बसों में यात्री जिंदा जले। हादसे में 18 लोगों की मृत्यु हुई और सौ से अधिक घायल हो गए। मृत चार लोगों के शव की पहचान घटना के दिन ही हो गई और स्वजन शव ले गए। 14 लोगों के शव बुरी तरह जल जाने के कारण पहचान नहीं हुई।
ऐसे में दावेदारों को देखते हुए मृतकों के शव और दावेदार स्वजन के डीएनए का मिलान किया गया। 14 लोगों के शव का डीएनए से मिलान हो गया। हमीरपुर जिले के नौरंगा गांव निवासी पार्वती देवी और धौलपुर के धनौरा रोड कस्बा बाडी निवासी भोलू की पहचान नहीं हो पाई। उनके डीएनए का किसी भी शव से मिलान नहीं हो पाया है। स्वजन दोनों के हादसे में ही मृत होने का दावा कर रहे हैं।
प्राची और सनी के साथ नोएडा जाने के लिए बस में सवार थीं पार्वती
जिस वक्त हादसा हुआ पार्वती अपने स्वजन प्राची और सनी के साथ नोएडा जाने के लिए बस में सवार थीं। बच्चे बताते हैं कि जब हादसे के बाद बस में आग लगी तो पार्वती ने प्राची और सनी से कहा कि तुम लोग उतर जाओ, मैं उतर रही हूं। बच्चे उतर गए, लेकिन पार्वती लपटों में घिर गईं। बच्चे बाहर चिल्लाते रहे, लेकिन मां को बचा नहीं सके। प्राची कहती है कि मैं कैसे मान जाऊं कि बस में मां का शव नहीं था।
इसी तरह धौलपुर के भोलू का भी पता नहीं चला। बहन सितारा और बेटी रेशमा कहती हैं कि भोलू बस में थे, फिर कहां चले जाएंगे। हमीरपुर से जांच करके लौट आई पांच सदस्यीय टीम : डीएम सीपी सिंह ने दोनों लोगों की तलाश के लिए डिप्टी कलेक्टर आदेश कुमार, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, सीओ महावन, सीएमओ व एआरटीओ प्रवर्तन की टीम बनाई है।
टीम ने दो दिन पहले हमीरपुर पहुंचकर उस रिक्शा चालक अमरजू से पूछताछ की, जो उन्हें घर से लेकर बस स्टैंड गया था। पार्वती के भतीजे जयपाल से भी बात की कि कितने बजे और कौन सी बस में बैठाया था। डीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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