Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Banke Bihari Vrindavan: अनोखी है ठा. बांकेबिहारी मंदिर की ये परम्परा, इस दिन नीम की पत्ती और मिश्री खाते हैं ठाकुरजी

    Banke Bihari Mandir Vrindavan News In Hindi परंपरा रही है कि नए साल पर मौसम में हो रहे बदलाव के दौरान नवपल्लवित नीमपत्ती का सेवन स्वास्थ के लिए लाभकारी होता है। यही कारण है कि मंदिरों में ठाकुर बांकेबिहारी जी को अर्पित करने के साथ सनातन धर्मी नीमपत्ती और मिश्री के मिश्रण का सेवन भी इस दिन जरूर करते हैं।

    By Vipin Parashar Edited By: Abhishek Saxena Updated: Wed, 03 Apr 2024 08:53 PM (IST)
    Hero Image
    Mathura News: सनातन नववर्ष पर ठा. बांकेबिहारी को पुरोहित सुनाएंगे संवत्सर

    संवाद सहयोगी, वृंदावन। सनातन नूतन वर्ष नौ अप्रैल को देशभर में मनाया जाएगा। इस दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत होगी और पूरे साल की गणना, पर्व-उत्सव के पंचांग की शुरुआत होगी। नव संवत् के दिन मंगलवार को ठा. बांकेबिहारी के पुरोहित उन्हें संवत्सर सुनाएंगे, तो मंदिर के सेवाधिकारी इस दिन ठाकुरजी को माखन-मिश्री व नीमपत्ती के मिश्रण का भोग लगाएंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    नौ अप्रैल को संवत्सर सुनाएंगे

    ठा. बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बुधवार को बताया नवसंवत्सर पर 9 अप्रैल की सुबह ठाकुरजी के जब पट खुलेंगे और श्रृंगार आरती के बाद मंदिर के पुरोहित छैलबिहारी मिश्र ठाकुरजी को संवत्सर सुनाएंगे। इस संवत्सर में पुरोहित ठाकुरजी के सामने हिंदू नववर्ष में पूरे साल मानसून के हालातों से लेकर देश, काल, परिस्थिति का आंकलन ज्योतिषीय गणना व वर्ष में राजा कौन होगा, जिसके भाग्य के आधार पर पूरे साल देश काल परिस्थितियां रहेंगी ये सब ठाकुरजी को सुनाई जाएगी।

    ये भी पढ़ेंः Lok Sabha Election: यूपी की सबसे चर्चित सीट मैनपुरी पर मायावती ने घाेषित किया प्रत्याशी, सामान्य कार्यकर्ता को बनाया उम्मीदवार

    लगभग सत्य होती हैं संवत्सर की बातें

    मान्यता रही है कि संवत्सर में जो भी बातें सुनाई जाती हैं, वह लगभग सत्य ही साबित होती रहीं हैं। नीम पत्ती भोग में परोसने को लेकर मान्यता है कि वसंत के बाद जब वृक्षों में नई पत्तियां निकलती हैं और मौसम बदलाव के दौरान शरीर में जो भी संक्रमण होता है, नीम पत्ती का सेवन करने से शारीरिक संक्रमण दूर होता है और रक्त साफ होता है। यही कारण है कि लोग खुद नीम पत्ती का सेवन करने से पहले ठाकुरजी को भोग में अर्पित करते हैं।

    ये भी पढ़ेंः Bijli News: अगर फ्री बिजली चाहिए तो 30 जून से पहले कर लें ये काम, फिर से आया है सुनहरा मौका