Banke Bihari Mandir: वीकेंड और कार्तिक माह के अंतिम दिनों में दर्शन की दीवानगी; भक्तों की भारी भीड़ से बिगड़े हालात
Vrindavan Banke Bihari Mandir News बांकेबिहारी मंदिर के अंदर और बाहर पैर रखने की जगह नहीं मिली। भीड़ में दबकर महिलाओं की बिगड़ी तबीयत। महिला रेलिंग फांदकर मंदिर में पहुंचीं । भारी भीड़ का आलम ये रहा कि पट बंद होने तक लोग दर्शन के लिए पहुंचते रहे। वहीं कुछ श्रद्धालु भीड़ होने के कारण बिना दर्शन कर वापस जाने को मजबूर हुए।

संवाद सूत्र वृंदावन/मथुरा। कार्तिक माह के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए सुबह से ही भीड़ उमड़ी। ऐसे में हालात बिगड़ गए। मंदिर के अंदर और बाहर पैर रखने की भी जगह नहीं बची। श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की करनी पड़ी और रेलिंग फांदकर मंदिर तक पहुंचे। व्यवस्था बनाने में पुलिसकर्मियों ने भी पसीना छोड़ दिया।
बाजार में भीड़ का भारी दबाव
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। विद्यापीठ से लेकर मंदिर के चबूतरे तक बाजार में भीड़ का दबाव सुबह से बनने लगा। दोपहर को मंदिर के पट बंद होने व शाम को मंदिर खुलने से रात मंदिर बंद होने तक भीड़ रही। सुबह पौने नौ बजे मंदिर के पट खुले तो अंदर प्रवेश करने को लेकर श्रद्धालुओं में जिद्दोजहद होती रही। इससे आपाधापी मच गई।
महिलाओं की तबीयत बिगड़ी
भीड़ में फंसकर महिलाओं की भी तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ पांच फीट रेलिंग फांदकर प्रवेश द्वार तक पहुंचीं। ऐसे में स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला और रेलिंग पर श्रद्धालुओं का चढ़ना बंद किया। दोपहर एक बजे मंदिर के पट बंद हुए, तो भीड़ अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंदर प्रवेश नहीं कर सके। शाम को साढ़े चार बजे फिर मंदिर के पट खुले, तो स्थिति फिर वैसी ही हो गई।
पट बंद होने पर रही भारी भीड़
शाम को भी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश के लिए धक्का-मुक्की करते रहे। मंदिर के बाहर गली में पैर रखने की भी जगह नहीं बची। रात साढ़े आठ बजे पट बंद हुए, तब भी स्थिति वैसी ही रही, जैसी सुबह थी।
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दिल्ली के मयूर विहार से आईं श्रद्धालु सुनीता कौल ने बताया कि वह शाम को दर्शन के लिए पहुंचीं, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण करीब दो घंटे बाहर इंतजार करना पड़ा, तब तक पट बंद हो गए। उनके साथ गया परिवार भी मायूस होकर लौट आए।
इसी तरह कानपुर के बिरहाना रोड निवासी मालती देवी और आगरा के कमला निवासी पद्मिनी भी दर्शन नहीं कर पाईं।
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