वृंदावन के रंगजी मंदिर में रंगनाथ और मां गोदाम्मा का विवाहोत्सव 14 को, पांच दिन निभाई जाएंगी विवाह की रस्में
वृंदावन के रंगजी मंदिर में 10 से 14 जनवरी तक भगवान रंगनाथ और मां गोदाम्मा का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार, 14 जनवरी को धनुर् ...और पढ़ें

रंगजी मंदिर।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। दक्षिण भारतीय परंपरा के रंगजी मंदिर में हर दिन उत्सव मनाए जाते हैं। इसी कड़ी में दस जनवरी से 14 जनवरी तक मंदिर में ठाकुरजी का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर में दस जनवरी से ठाकुरजी के विवाहोत्सव की रस्में शुरू होंगी और 14 जनवरी को भगवान रंगनाथ मां गोदाम्मा के साथ वैदिक रीतिरिवाज के साथ परिणय बंधन में बंधेंगे।
दस से शुरू होंगी रस्में
इससे पहले मंदिर में दस जनवरी से ठाकुरजी के विवाह की रस्में शुरू होंगी। 14 जनवरी को भगवान रंगनाथ बरात लेकर निकलेंगे और मंदिर के पुजारी ठाकुरजी एवं माता गोदाम्मा का प्रतिनिधित्व करते हुए माला की अदला-बदली करेंगे। ठाकुरजी के विवाहोत्सव का साक्षी बनने को श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रहेगी।
धनुर्मास के 27 वें दिन होगा ठाकुरजी का विवाहोत्सव
दक्षिण भारतीय परंपरा के रंगजी मंदिर में 14 जनवरी को भगवान रंगनाथ और माता गोदाम्मा का विवाह समारोह आयोजित होगा। ठाकुरजी के विवाहोत्सव की मान्यता के बारे में जानकारी देते हुए मंदिर सेवायत माध्वाचार्य ने बताया जिस प्रकार द्वापर में ब्रजगोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए मां कात्यायनी की 21 दिन तक आराधना करते हुए व्रत रखा और शरद पूर्णिमा की रात भगवान ने इन ब्रजगोपियों संग पति रूप में महारास रचाया।
पांच दिन निभाई जाएंगी विवाह की रस्में
ठीक इसी तरह धनुर्मास में माता लक्ष्मीजी (गोदाम्मा) ने भगवान विष्णु (भगवान रंगनाथ) को पाने के लिए एक महीने का व्रत रखा। धनुर्मास की शुरुआत 16 नवंबर काे होती है। इसी दिन से माता गोदाम्मा ने एक महीने का व्रत रखा। व्रत के 27 वें दिन माता गाेदाम्मा को भगवान रंगनाथ की प्राप्ति हुई।

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