बरसाना के राधारानी मंदिर में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, दबाव में दबी दो युवतियां; व्यवस्थाएं बनाने में छूटे पसीने
नववर्ष पर बरसाना के राधारानी मंदिर में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं। श्रृंगार आरती के दौरान भीड़ के दबाव में दो युवति ...और पढ़ें

राधारानी मंदिर बरसाना में उमड़ी भीड़।
संवाद सूत्र जागरण, बरसाना (मथुरा)। राधे तेरे चरणों की रज धूल जो मिल जाएं आदि भजनों से पर लाडली जी मंदिर पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। वहीं अपनी आराध्य राधारानी को हैप्पी न्यू ईयर कहने को भक्त आतुर नजर आ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। भीड़ के दवाब में महिलाएं व बच्चे चीखने चिल्लाने लगे।
इस दौरान श्रृंगार आरती के दौरान दो युवती भीड़ के दबाव में दब गई गनीमत रही वक्त रहते लोगों ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। इस दौरान व्यवस्था बिगड़ते देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया। सुबह लेकर देर शाम तक राधारानी मंदिर पर जनसैलाब उमड़ता रहा। भीड़ को देख पुलिस के पसीने छूट रहे थे।
वृषभान नंदनी को हैप्पी न्यू ईयर कहने को नवबर्ष की पूर्व संध्या से ही तीर्थ स्थल बरसाना में श्रद्धालुओ का हुजूम उमड़ पड़ा। गुरुवार की सुबह घना कोहरा व कड़कड़ाती ठंड में जुबां पर राधे राधे की रट लगाते हुए श्रद्धालु गहवरवन की परिक्रमा लगा रहे थे। नवबर्ष की सुबह पांच बजे मंगला आरती पर श्रद्धालुओ का हुजूम राधारानी मंदिर में उमड़ पड़ा।
राधारानी मंदिर से लेकर बड़ी सिंह पौर तक श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। वहीं सुबह आठ बजे श्रृंगार आरती के दौरान भीड़ के दबाव में महिलाएं व बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। इस दौरान भीड़ के दबाव में दिल्ली की रहने वाली सुनीता व राधिका दब गई। युवतियों की हालत बिगड़ते देख श्रद्धालुओं ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। इस दौरान दोनों युवतियों का दम घुट गया था।
जबकि मंदिर परिसर भी तैनात एक भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। वहीं मेडिकल कैंप पर भी कोई नजर नहीं आ रहा था। पूरे मंदिर परिसर में अफरा तफरी का माहौल था। बाद में व्यवस्था बिगड़ते देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया। भीड़ इस कदर थी कि धक्का मुक्की के सहारे श्रद्धालुओं का रेला लाडली के महल की तरफ बढ़ रहा था।
वृषभान दुलारी के चरणों में अपना नया साल मानने के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आ रहे थे। शीतलहर हवाओं के मध्य भक्त भानु दुलारी को हैप्पी न्यू ईयर बोल रहे थे। रेशम के गर्म शॉल को ओढ़कर भानु दुलारी भक्तों पर कृपा का सागर बर्षा रही थी। लाडली का महल राधे राधे के जयघोष से गूंज रहा था।
वहीं दोपहर ढाई बजे के बाद राधारानी मंदिर के पट बंद कर दिए। इस दौरान सफेद छतरी से लेकर बड़ी सिंह पौर तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ गया। भीड़ इस कदर थी कि सफेद छतरी से लेकर दादी बाबा मंदिर तक श्रद्धालुओं से सीढ़ियां खचाखच भरी हुई थी। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसपी देहात सुरेश चंद रावत स्वयं मय फोर्स के तैनात थे।
व्यवस्था बिगड़ते देख राधारानी मंदिर के पट शाम साढ़े चार बजे की जगह शाम चार बजे खोल दिया गया। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देख पुलिस कर्मियों के भी हाथ पैर फूल गए। इस दौरान रस्सा लगाकर टुकड़ियों में श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था। देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का रेला लाडली के महल में उमड़ता रहा।
सेवायत उमाशंकर गोस्वामी ने बताया कि ठंड के चलते राधारानी को गर्म वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं। वहीं उनके भोग प्रसाद में मेवा व केसर का उपयोग किया जा रहा है। रोजाना सुबह उन्हें खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। नवबर्ष के चलते सभी का नया साल अच्छा गुजरे इसके लिए भक्त लाडली के महल में झूमते नजर आए।
दो दिन में छह लाख श्रद्धालुओं ने किए राधारानी के दर्शन
नववर्ष पर इस बार भीड़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंगला व श्रृंगार आरती के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु सीढ़ियों पर एकत्र थे। दो दिन में करीब पांच से छह लाख लाख श्रद्धालुओं ने राधारानी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने वनवे कर रखा था। इस दौरान हमारो प्यारो बरसाना गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा था।
वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से नीचे उतारा जा रहा था। सुदामा चौक पर भीड़ का दबाव न बने इसके लिए जगह जगह श्रद्धालुओं को रोका जा रहा था। वहीं साउंड सिस्टम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया जा रहा था। भीड़ होने पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को ज्यादा देर रोका नहीं जा रहा।

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