मैनपुरी: औंछा में 1.25 करोड़ की चोरी का आरोपित गिरफ्तार, 3.4 किलो चांदी बरामद
औंछा पुलिस ने स्वाट टीम के साथ मिलकर 14 दिसंबर 2025 को सराफा की दो दुकानों से सवा करोड़ से अधिक के आभूषण और नकदी चोरी करने वाले एक आरोपित राजेंद्र को ...और पढ़ें

आरोपित की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। औंछा पुलिस ने स्वाट टीम के साथ कस्बा में 17 दिन पूर्व सराफा की दो दुकानों के ताले तोड़कर सवा करोड़ से अधिक के आभूषण और नकदी चोरी करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से चोरी की गई साढ़े तीन किलो के करीब चांदी और कुछ सोने के आभूषण बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपित को जेल भेजकर सरगना पुत्र सहित छह अन्य की तलाश शुरू कर दी है। आरोपित के बारे में एएसपी ग्रामीण ने जानकारी दी है।
सराफा की दो दुकानों से किए थे आभूषण व नकदी चोरी
पुलिस लाइन के सभागार में शुक्रवार को एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर 2025 की रात कस्बा औंछा निवासी सराफा व्यापारी मनोज वर्मा की दुकान से 200 ग्राम सोने के आभूषण, 15 से 20 किलो चांदी और विपिन गुप्ता की दुकान का शटर तोड़ 12 किलो चांदी, करीब 120 ग्राम सोने के जेवर चोरी की घटना हुई थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद से ही पुलिस की चार टीमें राजफाश के लिए लगी थीं तो जानकारी मिली कि हाथरस के गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है।
औंछा पुलिस ने स्वाट टीम के साथ चोरी के आभूषण किए बरामद
गुरुवार की रात औंछा थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रपाल सिंह ने स्वाट टीम के साथ दबिश देकर हाथरस के थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव बाग बधिक से चोरी की घटना में शामिल राजेंद्र को आभूषण सहित गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर जमीन में दबाई गई चोरी की करीब 3.400 किग्रा चांदी और सोने का एक पेंडल भी बरामद किया। इन पर सराफा की दुकानों की मोहर लगी थी। एएसपी ने बताया कि आरोपित का पुत्र अरुण चोर गैंग का सरगना है। अब पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
पांच दिन की रेकी, फिर घटना को दिया अंजाम
एएसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपित राजेंद्र ने पूछताछ में बताया कि पुत्र अरुण और उसके साथी हरिओम, कालिया, संतोष उर्फ गांडी, भवानी शंकर निवासी गांव बाग बधिक, मानवेंद्र उर्फ मोनू निवासी गांव लोधई सहपऊ हाथरस ने करीब चार-पांच दिन क्षेत्र में घूमकर रेकी की थी। इसके बाद घटना के तीन दिन पहले सभी ने उसके घर में बैठकर योजना बनाई। जहां राजेंद्र ने ही सभी को काम सौंपा था।
चोरी के बाद आभूषण को आपस में बांट लिया था। राजेंद्र और उसके पुत्र के हिस्से में आए आभूषण को घर में ही गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया था। आरोपित को न्यायालय पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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