उत्सव में बिखरे बुंदेली लोक संस्कृति के रंग
जागरण संवाददाता महोबा महोबा जिला की वर्षगांठ के अवसर पर बुंदेली लोक संस्कृति के विभिन्न ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महोबा: महोबा जिला की वर्षगांठ के अवसर पर बुंदेली लोक संस्कृति के विभिन्न कला के दर्शन हुए। कलाकारों ने अपने नृत्य और गीत से सभी का मनमोह लिया। विशिष्ट अतिथि फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बुंदेली कला को विश्व पटल पर लाने का भरपूर प्रयास करेंगी। महोबा जनपद स्थापना दिवस के मौके पर गुरुवार को शहर के रामालय भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इसका शुभारंभ फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी व डीएम सत्येंद्र कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। फिल्म अभिनेत्री को आयोजक मनोज तिवारी ने खखरामठ का चित्र स्मृति चिह के रूप में भेंट किया। कार्यक्रम में सबसे पहले जितेंद्र चौरसिया व शरद अनुरागी ने आल्हा गायन कर वीर रस का संचार किया। इसके बाद बांदा से आई टीम के सदस्यों में रमेश पाल ने साथी कलाकारों के साथ पाई डंडा गीत और नृत्य प्रस्तुत किया। योगेंद्र यादव की टीम ने राई गीत-नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति दी। बच्चियों ने भी मधुर गीत गाकर सभी का मनमोह लिया। महोबा की टीम के रामचरन ने 15 सदस्यीय टीम के साथ शानदार दिवारी नृत्य प्रस्तुत किया। आयोजन के दौरान मुख्य अतिथि डीएम सत्येंद्र कुमार, मुकुंद फाउंडेशन मनोज तिवारी, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. दीन बंधु पांडेय ने की। अन्य लोगों में शिव कुमार गोस्वामी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पुष्पा अनुरागी, पं. जग प्रसाद तिवारी मौजूद रहे। विश्व पटल पर छाएगी बुंदेली संस्कृति
फिल्म अभिनेत्री व लेखिका सुष्मिता मुखर्जी ने बुंदेल खंड के कलाकारों की कला देख प्रभावित हुईं। उन्होंने सभी की सराहना करते हुए कहा कि यहां की कला को वह विश्व पटल पर लाने का अपने स्तर से भरपूर प्रयास करेंगी। उन्होंने इस दौरान कई कलाकारों के नाम भी अपनी डायरी में नोट किए। वह ओरछा तक प्लेन से आईं थीं। वहां से वह बाई रोड गुरुवार दोपहर महोबा पहुंची थीं। यहां कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट गईं।

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