महोबा में पौष माह की पूर्णमासी पर भक्तों ने लगाई गोरखगिरि की परिक्रमा, जयकारे लगाए
पौष माह की पूर्णिमा पर महोबा में भक्तों ने गोरखगिरि की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा की। यह धार्मिक यात्रा शिवतांडव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न मंदिरों से गुज ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महोबा। पौष माह की पूर्णमासी के पावन अवसर पर भक्तों ने शहर के ऐतिहासिक गोरखगिरि की परिक्रमा श्रद्धा, भक्ति व रामधुन के साथ पूर्ण की।
धार्मिक यात्रा सुबह 6 बजे शिवतांडव मंदिर परिसर से शुरू हुई। जो पठवा के बाल हनुमान मंदिर, रामजानकी मंदिर, कबीर आश्रम, सकरी सन्या, रामदरबार, छोटी चंद्रिका मंदिर व पुलिस लाइन होते हुए वापस उसी स्थान पर समाप्त हुई।
यहां भजन कीर्तन व सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें साईं डिग्री कालेज के प्राचार्य डा. एलसी अनुरागी ने बताया कि चौदह वर्ष के वनवास काल दौरान भगवान राम, लक्ष्मण व माता जानकी गोरखगिरि पर्वत आए थे। सीता रसोई, रामकुंड इसके जीवंत प्रमाण है।
पंडित हरीशंकर नायक ने बताया कि इस पर्वत में गुरु गोरखनाथ ने तपस्या की। पश्चिम क्षेत्र में गुरु गोरखनाथ के शिष्य दीपकनाथ की चौकी आज भी प्रमाण स्वरूप स्थित है।
साध्वी सुनीता अनुरागी ने भगवान राम के आदर्श चरित्र वाले श्लोक सुनाए। अधिवक्ता मुन्नालाल धुरिया, ओमप्रकाश, परशुराम अनुरागी, विनोद, पवन चौरसिया, गौरीशंकर कोष्ठा सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।

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