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    महोबा में 40 करोड़ का फसल बीमा घोटाला, एक और आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:28 PM (IST)

    महोबा में 40 करोड़ रुपये के फसल बीमा घोटाले में एक और आरोपी को जेल भेज दिया गया है। यह घोटाला किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा करके किया गया था। पुलिस इस ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, महोबा। नदियों, वन विभाग, चकमार्ग और ग्राम सभा की जमीन पर फसल दिखाकर करीब 40 करोड़ के फसल बीमा घोटाले में शुक्रवार को एक और आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर अन्य घोटालेबाजों के साथ मिलकर वन विभाग व ग्राम सभा के खाते में दर्ज भूमि का पोर्टल पर तथ्य छिपाकर फसल बीमा करने का आरोप है।

    प्रभारी निरीक्षक कुलपहाड़ विनोद कुमार ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा दिया गया है। इस मामले में बीमा कंपनी इफको टोकियो के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी व महिला समेत 33 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

    फसल बीमा में फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने कंपनी से साठगांठ कर ऐसे गांवों को चुना, जहां चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर भू-स्वामी व बटाईदार फसल बीमा करा सकता है। चकबंदी प्रक्रिया वाले गांवों का डाटा आनलाइन प्रदर्शित नहीं होता, जिससे कोई भी 10 रुपये के स्टांप पर बटाईनामा बनवाकर बीमा करा सकता है। इसमें वह जो जानकारी भर देता है वह सही मानी जाती है।

    इसकी जांच बीमा कंपनी ही करती है। इसके बाद व्यक्ति टोल फ्री नंबर पर फोन कर नुकसान की जानकारी देता है। बीमा कंपनी जांच के बाद भुगतान कर देती है। बिना सत्यापन लोगों को भुगतान करने से बीमा कंपनी के लोग भी शिकंजे में हैं।

    शहर कोतवाली, चरखारी, कुलपहाड़, अजनर व थाना पनवाड़ी में छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। शुक्रवार को थाना कुलपहाड़ में दर्ज मुकदमे में प्रदीप सिंह निवासी ग्राम सेला खालसा को उसके गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। कृषि विभाग के बीमा पटल सहायक अतुलेंद्र विक्रम को भी निलंबित किया जा चुका है।

    जिला सत्र न्यायालय पांच आरोपितों की जमानत भी खारिज कर चुका है। इस मामले को लेकर उपनिदेशक कृषि रामसजीवन ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।