महराजगंज में 'हर-घर नल-जल' योजना पर ब्रेक, किस वजह से 1400 करोड़ की परियोजनाएं अटकीं?
महराजगंज जिले में हर-घर नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना अधूरा है। 1400-1500 करोड़ रुपये की 720 परियोजनाओं में से पांच साल में केवल 131 ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महराजगंज। शुद्ध पेयजल हर घर तक पहुंचाने का सपना महराजगंज जिले में अब तक साकार नहीं हो सका है। अमृत मिशन और हर-घर नल-जल योजना के तहत शुरू की गई परियोजनाएं फाइलों और दावों में तो आगे बढ़ीं, लेकिन जमीनी हकीकत में हालात बेहद निराशाजनक हैं।
वर्ष 2020 से जिले में संचालित हर-घर नल-जल योजना के बावजूद आज भी सैकड़ों गांव शुद्ध पेयजल के इंतजार में है।
जिले की 882 ग्राम पंचायतों को हर-घर नल-जल योजना से जोड़कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए कुल 720 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 1400 से 1500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
योजना शुरू होने के लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक सिर्फ 131 परियोजनाएं ही पूरी हो सकी हैं। शेष परियोजनाएं विभिन्न स्तरों पर अधर में लटकी हुई हैं। स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है, जब यह सामने आता है कि जो परियोजनाएं पूरी घोषित की जा चुकी हैं, वहां भी ग्रामीणों को नियमित और शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
कई गांवों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन या तो पानी नहीं आता, या फिर बेहद कम दबाव और संदिग्ध गुणवत्ता का पानी सप्लाई किया जा रहा है।
कई ग्राम पंचायतों में तो स्थिति यह है, कि कागजों में अधिकारियों ने गांव को हर-घर-नल-जल घोषित कर दिया है, लेकिन ग्राम पंचायत में न तो पानी आ रहा है, और न ही सभी घरों में टोंटी ही लग पाए हैं।
इससे ग्रामीणों को पुराने हैंडपंप और निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। योजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा बजट की कमी को बताया जा रहा है।
लंबे समय से पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण अधिकांश ग्राम पंचायतों में कार्य प्रभावी ढंग से पूरा नहीं हो पा रहा है। भुगतान अटकने से ठीकेदारों ने भी कई जगहों पर काम की रफ्तार धीमी कर दी है। बजट आते ही यथा शीघ्र रुके हुए कार्यों को पूर्ण कराया जाएगा।
आतिफ हुसैन,अधिशासी अभियंता, जल निगम

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