महराजगंज जेल में बंद नेपाली कैदी की मौत, लंबे समय से चल रहा था बीमार; तस्करी के दौरान हुआ था गिरफ्तार
कैदी लंबे समय से बीमार चल रहा था। उसका इलाज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा था। वहां फेफड़े का आपरेशन कराने के बाद जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को तबीयत खराब होने पर कैदी को लेकर बंदी रक्षक जिला अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अभी तक उसके परिवार के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। एनडीपीएस एक्ट के मामले में 2014 में सोनौली से गिरफ्तारी के बाद जिला कारागार में सजा काट रहे नेपाली कैदी कुम बाहादुर थापा की रविवार की सुबह मौत हो गई। कुम बहादुर थापा लंबे समय से फेफड़े की बीमारी से पीड़ित था।
तस्करी के दौरान पकड़ा था कुम बहादुर थापा
2014 में सोनौली पुलिस ने कुम बहादुर थापा को सोनौली सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के दौरान पकड़ा था। पकड़े जाने के बाद आरोपित को पुलिस ने जेल भेज दिया था। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद जिला न्यायालय ने उसे 10 वर्ष की सजा सुनाई थी।
अस्थमा और पेट की बीमारी से पीड़ित था कैदी
जिला कारागार के अधीक्षक प्रभात सिंह ने बताया कि कुम बहादुर लंबे समय से अस्थमा और पेट की बीमारी से पीड़ित था। इलाज के लिए दो बार शासन से रुपये भी मिले थे। जिससे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां फेफड़े का आपरेशन भी कराया गया था। लौटने के बाद जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई है।
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नौ साल में कभी परिवार से नहीं आया कोई मिलने
अभी तक कुम बहादुर के परिवार के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पिछले नौ वर्षों में अभी तक उससे कोई मिलने भी नहीं आया है। सोनौली पुलिस से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। अगर स्वजन नहीं मिलेंगे तो उसका अंतिम संस्कार जिला कारागार प्रशासन द्वारा कराया जायेगा।
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