महराजगंज नालियों से होकर जा रही पेयजल पाइप लाइन, पानी के प्रदूषित होने का खतरा
महराजगंज में पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइपलाइनें गंदी नालियों से गुजर रही हैं, जिससे पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। पुरानी और जंग लगी पाइपों मे ...और पढ़ें

नालियों से गुजर रही पेयजल पाइप लाइन।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। नगर क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं। नगर पालिका परिषद महराजगंज के अंतर्गत आने वाले कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति जिन पाइप लाइनों से की जा रही है, वे गंदी और खुली नालियों से होकर गुजर रही हैं। इससे सप्लाई किए जा रहे पानी के दूषित होने की आशंका लगातार बनी हुई है, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है।
नगर क्षेत्र के 25 वार्डों में पेयजल आपूर्ति इंदिरानगर और शिवनगर में बने दो ओवरहेड टैंकों से की जा रही है। इन टैंकों से पूरे शहर में लगभग 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाता है।
लंबे समय से पाइपलाइन न बदले जाने के कारण अधिकांश वार्डों में पाइप जंग खाकर कमजोर हो चुके हैं, जिससे कई स्थानों पर लीकेज की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है, कि जिन नालियों से पाइपलाइन गुजर रही है, वहां गंदा पानी, कीचड़ और कचरा लगातार बहता रहता है। पाइपलाइन में कहीं भी दरार या लीकेज होने पर नाली का गंदा पानी पेयजल में मिल सकता है। इससे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
स्थिति यह है कि कई वार्डों में पाइपलाइन की मरम्मत अस्थायी रूप से ट्यूब से भी कर दी गई है। बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं, जब नालियां उफान पर होती हैं, और पाइपलाइन पूरी तरह गंदगी से घिर जाती है।
नगरवासियों का आरोप है कि वर्षों पहले बिछाई गई पाइपलाइनों का न तो नियमित रखरखाव हुआ और न ही उन्हें नालियों से अलग सुरक्षित मार्ग से ले जाने की कोई योजना बनाई गई।
नगर क्षेत्र की अंडरग्राउंड पाइपलाइन पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर जांच कराई जाती है और जहां भी कोई समस्या सामने आती है, उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाता है। -आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद महराजगंज।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।