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    भू-माफिया पर जीरो टालरेंस, लखनऊ में मेजर की बीमार बेटी को 24 घंटे में मिला मकान पर कब्जा, दो गिरफ्तार

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:26 PM (IST)

    House Grabbing Case Solved in Less Then 24 Hours : रिहैब सेंटर में स्वास्थ्य लाभ ले रही अंजना बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलीं और बताया कि चंदौली के बलर ...और पढ़ें

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    मेजर के मकान पर कब्जा करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : देश की आन बचाने के लिए देश की सीमा पर पहरा देने वाले स्वर्गीय मेजर की बीमार पुत्री को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से जब 24 घंटे के अंदर ही न्याय मिला तो उसके मुंह से बरबस ही निकल पड़ा, थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।

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    पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट के बाद भाई और बहन को भी खो देने वाली अंजना सीजोफ्रेनिया से जूझ रही हैं। इसी कष्ट के बीच कुछ भू माफिया ने इंदिरा नगर में उनके करोड़ों के मकान पर कब्जा कर लिया। प्रताड़ित अंजना ने बुधवार को दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट की और अपने साथ हुए अत्याचार से अवगत कराया।

    दबंगों की प्रताड़ना की शिकार एक मेजर की बेटी अंजना के लिए नये साल 2026 का पहला दिन जमाने भर की खुशियां लेकर आया जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सिर्फ 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उसका करोड़ों का मकान उसे दिलाकर दोनों भू माफिया को गिरफ्तार कर लिया है।

    रिहैब सेंटर में स्वास्थ्य लाभ ले रही अंजना बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलीं और बताया कि चंदौली के बलराम यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। मुख्यमंत्री से उन्हें 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा मिला और गुरुवार को दोपहर से पहले ही उन्हें जब अपने मंकान पर कब्जा मिला तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और मुंह से निकला- ‘गॉड ब्लेस यू योगी अंकल!’।

    मुख्यमंत्री से बताई समस्या, 24 घंटे में गया समाधान

    जमीन और मकान कब्जा होने की सूचना जब अंजना को मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का आग्रह किया। 31 दिसंबर (बुधवार शाम) मुख्यमंत्री ने उन्हें पास बुलाया और सैनिक की बेटी की पीड़ा को ध्यान से सुना। पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली के बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया है। मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है। उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया। जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई।

    CM Meeting Dainik Jagran

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अंजना भट्ट ने बुधवार काे भेंट की।

    आरोपी समेत दो 24 घंटे में गिरफ्तार

    अंजना की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पुलिस और सक्रिय हो गई। पुलिस ने इस प्रकरण में तत्काल जांच शुरू करते हुए अंजना को उनके मकान में कब्जा दिलाया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू पुत्र रामदुलारे यादव निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा-चंदौली व मनोज कुमार यादव पुत्र स्व. उमाशंकर यादव निवासी दाउदपुर- थाना कोतवाली, चंदौली को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से अंजना को मिली ‘छांव’

    रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया कि 2016 में हम उन्हें अंजना को रिहैब सेंटर लेकर आए। वहां उनकी देखरेख हुई और इलाज प्रारंभ हुआ। कुछ दिन पहले मकान पर कब्जे की शिकायत मिली, जिस पर थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम से मिले निर्देश के बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और 24 घंटे के भीतर जांच कर उन्हें कब्जा दिलाया।

    बोलीं- थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू

    पुलिस व सेना के अधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार को अंजना जैसे ही घर के भीतर पहुंचीं, उनके आंख से आंसू छलक पड़े। हर कमरे में गईं, वहां की दीवारों को चूमा। फिर बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प रखकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वे रोने लगीं और बचपन के संस्मरण भी सुनाने लगीं। अपने घर में प्रवेश के बाद भाव विह्वल अंजना की आंखों में खुशी के आंसू थे। उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए आभार निकला। उन्होंने कहा योगी अंकल महान हैं। उन्होंने दुख से हमारी सहायता की।

    सेना में मेजर थे अंजना के पिता

    अंजना के पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। उनका इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है। मेजर का निधन 1994 में हो गया। मेजर भट्ट के एक पुत्र व दो पुत्रियां थीं। उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है। परिवार में सिर्फ अंजना ही हैं। सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया। वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें बीमार देख बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और फर्जी कागजों से जमीन अपने नाम करा ली।