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    यूपी के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में करीब 1200 पदों पर होगी सीधी भर्ती, योगी सरकार का युवाओं को नए साल का तोहफा

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 04:20 PM (IST)

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए 2026 तक की कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमं ...और पढ़ें

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    यूपी के मेडिकल कॉलेजों में 1200 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए योगी सरकार ने वर्ष 2026 की बड़ी कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक और तकनीकी रिक्तियों को भरने के लिए 1,200 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कदम न केवल युवाओं को सरकारी नौकरी की सौगात देगा, बल्कि प्रदेश के मेडिकल छात्रों को उच्च स्तरीय शोध और बेहतर मार्गदर्शन भी सुनिश्चित करेगा।

    लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे पद

    अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), प्रयागराज को भेज दिया है। जल्द ही निम्नलिखित पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा:

    • सहायक आचार्य (Assistant Professor): 1,112 पद

    • आचार्य (Professor): 44 पद

    • प्रवक्ता (फार्मेसी): 11 पद

    यह भर्तियां मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर कर पठन-पाठन और व्यावहारिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में आमूलचूल परिवर्तन लाएंगी।

    नर्सिंग कैडर को भी मिलेगी मजबूती

    सरकार केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि ग्राउंड लेवल पर स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित करने वाले नर्सिंग स्टाफ की भी कमी दूर कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही यूपीपीएससी के माध्यम से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला/पुरुष) को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इन अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की देखभाल और अधिक संवेदनशीलता व दक्षता के साथ हो सकेगी।

    'डिग्री' के साथ 'क्वालिटी' पर जोर

    मुख्यमंत्री का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज केवल डिग्री बाँटने के केंद्र न बनें, बल्कि वे शोध (Research) और नवाचार (Innovation) के गढ़ बनें। पिछले नौ वर्षों में 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' के संकल्प को पूरा करने के बाद, अब सरकार का ध्यान इन संस्थानों में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप योग्य फैकल्टी और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। शिक्षकों की इस नई खेप के आने से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा का स्तर सुधरेगा, जिससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिल सकेंगे।