'संभल में 68 तीर्थ मिटाने की कोशिश हुई, हमने 54 खोज निकाला', सदन में CM योगी बोले- जो हमारा है, हमें मिलना चाहिए
सीएम योगी ने विधानसभा में वर्ष 2025-26 के बजट पर चर्चा के दौरान सपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा डॉ. राम मनोहर लोहिया के नाम का तो इस्तेमाल करती है लेकिन उनके मूल्यों और आदर्शों से कोसों दूर है। योगी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश में एक भी नया कर नहीं लगाया गया है और डीबीटी ने भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार किया है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा में मंगलवार को वर्ष 2025-26 के सामान्य बजट पर चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा डॉ. राम मनोहर लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन वह उनके मूल्यों और आदर्शों से दूर जा चुकी है।
आज की सपा न डॉ. लोहिया के बताए आचरण के अनुरूप कार्य कर रही है और न ही उनके बताए आदर्शों पर चल रही है। उपचुनावों पर सपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि दूसरों को उपदेश देने के बजाय स्वयं इन बातों को अपने आचरण में उतारा होता तो संभवत: इतनी करारी हार नहीं होती।
अब 2027 में भी इतनी ही करारी हार झेलने के लिए तैयार हो जाइए। मुख्यमंत्री ने दो घंटे 10 मिनट के उद्बोधन में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के आरोपों का जवाब देते कहा कि मुझे अच्छा लगा कि नेता प्रतिपक्ष ने आज अपनी बात को बड़े दार्शनिक अंदाज में सदन में रखा।
उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के एक अनुयायी के रूप में अपनी बात को रखने का प्रयास किया, लेकिन वह स्वयं इसका आचरण कर पाते हैं या नहीं, यह उन्हें स्वयं ही देखना चाहिए।
तीन देवों के भारत अपना आदर्श मानती है- योगी
डॉ. लोहिया ने कहा था कि एक सच्चा समाजवादी वह है, जो संपत्ति और संतति से दूर रहे। इसका कितना पालन हो रहा है, यह तो आपकी पार्टी के आचरण से समझा जा सकता है। आदर्श के रूप में उन्होंने भारत के लिए कहा था कि राम, कृष्ण और शंकर जब तक भारत के तीन आदर्श हैं, तब तक कोई बाल बांका नहीं कर सकता है।
भारत की जनता जब तक इन तीन देवों को अपना आदर्श मानेगी, भारत तब तक भारत बना रहेगा। इन तीनों देवों पर सपा का कोई विश्वास नहीं है, आप लोग भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि आप कहते हैं कि हमारी सोच सांप्रदायिक है, आप मुझे बताइए कि हमारी सोच कहां से सांप्रदायिक है? हम तो सबका साथ, सबके विकास की बात करते हैं। हमारा तो आदर्श है सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया।
इसका सबसे आदर्श उदाहरण आपके सामने है महाकुंभ। क्या उसमें किसी के साथ कोई भेदभाव हुआ है? न जाति का भेद, न क्षेत्र का भेद, न मत और मजहब का भेद था। एक पक्ष यह है, जो आपके सामने उदाहरण के रूप में है। दूसरा पक्ष वह भी था, जब 26 फरवरी को संभल में 46 वर्षों के बाद शिव मंदिर में जलाभिषेक का कार्यक्रम हो रहा था।
अकेले संभल में 68 तीर्थ थे और 19 कूप भी थे, जिनको एक निश्चित समय के अंदर समाप्त कर दिया गया। इन 68 तीर्थों में से 54 को ढूंढ़ने का काम हमने किया है, जो हमारी विरासत का हिस्सा हैं। जो 19 कूप हैं, उन्हें भी मुक्त कराया गया है। हमने यही कहा है कि जो हमारा है, वह हमें मिल जाना चाहिए। हम इससे इतर कहीं नहीं जा रहे हैं। सच कड़वा होता है और कड़वे सच को स्वीकार करने का सामर्थ्य भी होना चाहिए।
आठ वर्षों में नहीं लगाया एक भी नया कर
योगी ने कहा कि बीते पांच वर्ष से प्रदेश राजस्व अधिकता वाला राज्य है। हमने कर की चोरी रोकी है। राजस्व की चोरी को समाप्त किया गया है। पहले यही पैसे विकास और कल्याण के काम नहीं आ पाते थे। आज पाई-पाई प्रदेश हित में उपयोग हो रही है। बीते आठ वर्ष में एक भी नया कर नहीं लगाया। इस सफलता के पीछे रामराज्य की अवधारणा ही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ...बरसत हरसत सब लखें, करसत लखे न कोय, तुलसी प्रजा सुभाग से, भूप भानु सो होय चौपाई भी सुनाई।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जी भरत से कहते हैं कि हमें प्रजा से कर ऐसे लेना चाहिए, जैसे सूर्य लेता है। जैसे सूर्य समुद्र, नदी, तालाब से पानी लेता है, लेकिन किसी को पता नहीं चलता। परंतु जब वह बादलों के रूप में जरूरत की जगहों पर बरसता है तो सबको पता चलता है। खासकर जब जरूरत की जगह पर बरसता है तो सभी खुश हो जाते हैं। इसी प्रकार, सरकार को कर इस तरह से लेना चाहिए कि किसी को पता न चले, पीड़ा न हो।
बजरंग बली की गदा है डीबीटी, बेईमानी व भ्रष्टाचार पर कर रही प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीबीटी ने भ्रष्टाचार की कमर पर सबसे कठोर प्रहार किया है। डीबीटी बजरंग बली की गदा है, जो बेईमानी व भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार कर रही है। डीबीटी में लाभार्थी का पैसा सीधे खाते में पहुंच रहा है। 11 विभागों की 207 योजनाएं इसके माध्यम से संचालित हो रही हैं। प्रदेश में एक वर्ष में 9.08 करोड़ से अधिक लोगों तक 1,11,637 करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है।
इससे प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए बताया कि 20 करोड़ रुपये बेरोजगारी भत्ता बांटने के लिए सपा ने समारोह के आयोजन में ही 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे।
महाकुंभ को लेकर विपक्ष की नकारात्मक बातों को जनता ने नकारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रदेश के सामर्थ्य को देश के सामने और दुनिया के सामने रखने में सफल हुआ है। सपा सदस्यों की ओर देखते हुए कहा कि आपने कितना भी दुष्प्रचार किया हो, लेकिन वह भारत की आस्था को कहीं डगमगा नहीं पाया। आपकी इन नकारात्मक बातों पर न प्रदेश की जनता को और न ही देश की जनता को विश्वास हुआ।
ये आपके लिए उल्टी गिनती है कि जनता ने अब आपकी बातों को सुनना ही बंद कर दिया है। 45 दिनों में 66 करोड़ 30 लाख से अधिक श्रद्धालु व पर्यटक देश और दुनिया से प्रयागराज आए। 66 करोड़ में कम से कम आधी महिलाएं होंगी। एक भी छेड़खानी, अपहरण, लूट व हत्या की घटना नहीं हुई। एक भी ऐसा उदाहरण नहीं जो प्रदेश को या भारत को या सनातन धर्मावलंबियों को कठघरे में खड़ा करता हो।
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