विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विजन डॉक्यूमेंट जनवरी में होगा तैयार, छह ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' विजन डॉक्यूमेंट जनवरी में प्रस्तुत करेगी। इसका लक्ष्य 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को छह ट्रिलियन डॉलर ...और पढ़ें

लघु अवधि के लक्ष्यों से विकास के कई मानक स्थापित करेंगे
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डाक्यूमेंट जनवरी में तैयार करते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। इसके लिए तय 12 सेक्टरों का विस्तृत रोडमैप एक सप्ताह के अंदर तैयार कर दिया जाएगा।
सेक्टरों के रोडमैप के आधार पर ही विस्तृत विजन डाक्यूमेंट बनेगा। नियोजन विभाग ने डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए संबंधित विभागों से रोडमैप जल्द से जल्द दे दिए जाने के लिए कहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने और प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक करने का बड़ा लक्ष्य लिया गया है।
नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर सभी 12 सेक्टर के रोडमैप मिल जाएंगे।रोडमैप मिलने के साथ ही विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा।यह समस्त कार्य पूरे करते हुए जनवरी में ही विस्तृत रिपोर्ट आगे बढ़ा दी जाएगी।
विजन डाक्यूमेंट के लिए कृषि एवं संबद्ध, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आइटी एवं इमर्जिंग टेक्नालाजी, पर्यटन, नगर एवं ग्राम्य विकास, अवस्थापना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर का रोडमैप तैयार किए जाने का काम अंतिम चरण में है।
संबंधित नोडल विभाग अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति के थीम को ध्यान में रखते हुए रोडमैप तैयार कर रहे है। सरकार का मिशन समग्र विकास विकास के तहत हर नागरिक को घर, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना है। मिशन आर्थिक नेतृत्व के तहत उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बढ़त लेने तथा मिशन सांस्कृतिक पुनर्जागरण के तहत परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगन करना है।
विजन डाक्यूमेंट को लघु अवधि वर्ष 2029-30 तथा मध्यम व दीर्घ अवधि 2030-47 को केंद्र में रखा जा रहा है। लघु अवधि के तहत कम से कम 50 प्रतिशत आबादी को निशुल्क स्वास्थ्य बीमा, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना, कुपोषण पर पूरी तरह नियंत्रण, वंचित वर्गों को शिक्षा-स्वास्थ्य-आवास व आजीविका में समान अवसर, महिलाओं की श्रम भागीदारी 50 प्रतिशत, बहुआयामी गरीबी का उन्मूलन, अयोध्या सहित सभी प्रमुख शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करना, जेवर एयरपोर्ट को आधुनिक कार्गो ट्रांजिट हब बनाना, सभी जिलों को एक्सप्रेस वे से जोड़ना, प्रदेश को उत्पादकता और निर्यात में अग्रणी बनाना, निर्यात चार गुणा तक बढ़ाना, हर शहर को स्मार्ट सिटी बनाना तथा थीम आधारित विश्वविद्यालयों की श्रृंखला बनाने जैसे बड़े लक्ष्य लिए जा रहे हैं।

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