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    UPPCL: नये वर्ष में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, बिजली के नए कनेक्शन की दरें घटीं

    By Hemant Kumar Srivastava Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 12:45 PM (IST)

    UPPCL News: नई कास्ट डाटा बुक में आयोग ने उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के लिए विभिन्न शुल्कों (प्रोसेसिंग फीस, सुरक्षा जमा, सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज, स ...और पढ़ें

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    उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन 

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन बुधवार को नया कनेक्शन लेने वाले बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है। बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान करने के साथ ही आयोग ने कनेक्शन लागत कम किए जाने व स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें कम कर दी हैं।

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    आयोग की और से जारी नई कास्ट डाटा बुक में उपभोक्ताओं के हित में कई बड़े निर्णय किए गए हैं। आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को नई दरों के लिहाज से 12 जनवरी तक साफ्टवेयर में बदलाव करने का आदेश दिया है। नई कास्ट डाटा बुक में आयोग ने उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के लिए विभिन्न शुल्कों (प्रोसेसिंग फीस, सुरक्षा जमा, सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज, सामग्री लागत, स्मार्ट मीटर लागत आदि) की दरें निर्धारित की हैं।

    अब 300 मीटर तक दूरी और 150 किलोवाट तक लोड के लिए नए कनेक्शन (निजी नलकूप को छोड़कर) के लिए कोई एस्टीमेट तैयार करने की आवश्यकता नहीं होगी। निश्चित सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज लागू किए गए हैं, जिससे एस्टीमेट तैयार करने का विवेकाधिकार समाप्त होगा और उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन तेजी से मिल सकेंगे।

    किसान अब स्वतंत्र थ्री-फेज 16 केवीए ट्रांसफार्मर या सिंगल फेज 10 केवीए ट्रांसफार्मर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति प्राप्त कर सकेंगे। लाइफलाइन उपभोक्ताओं को (100 मीटर तक की दूरी के लिए) आपूर्ति वहन शुल्क (सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज) का भुगतान आंशिक रूप से 500 रुपये के अग्रिम भुगतान के माध्यम से और शेष राशि को कनेक्शन की तिथि से 12 महीनों तक बिजली के बिल में रुपये 45 की समान मासिक किस्तों के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प दिया गया है।

    आयोग ने प्रोसेसिंग शुल्क और सुरक्षा जमा (सेक्योरिटी डिपाजिट) को संशोधित किया है। लाइफलाइन उपभोक्ताओं के लिए शून्य सुरक्षा जमा का प्रविधान किया है। स्मार्ट मीटरों की लागत सभी श्रेणियों के लिए निर्धारित की गई है। सिंगल फेज स्मार्ट मीटर की कीमत अब सिर्फ 2800 रुपये और थ्री-फेज स्मार्ट मीटर की कीमत 4100 रुपये तय की गई है। पावर कारपोरेशन सिंगल फेज मीटर के लिए 6016 रुपये और थ्री-फेज मीटर के लिए 11,342 रुपये वसूल रहा था।

    एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और संचालन से संबंधित लागत उपभोक्ताओं से वसूल नहीं की जाएगी, क्योंकि इसका प्रविधान पहले से ही आरडीएसएस में किया जा चुका है। सिंगल फेज कनेक्शन के नए आवेदकों को मीटर लागत रुपये 2800 का भुगतान दो भागों में करने का विकल्प दिया गया है। आवेदन के समय 1000 रुपये तथा शेष राशि का भुगतान 24 समान मासिक किस्तों में 84 रुपये प्रति माह के हिसाब से करना होगा। इसमें ब्याज जुड़ेगा। ब्याज से बचने के लिए पूर्ण भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध है।

    स्वतंत्र थ्री-फेज 16 केवीए ट्रांसफार्मर सिंगल फेज 10 केवीए ट्रांसफार्मर के माध्यम से कनेक्शन लेने के इच्छुक निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए लागत स्वीकृत की गई है। अपवाद स्वरूप परिस्थितियों को छोड़कर, 50 किलोवाट (56 केवीए) तक के कनेक्शन के लिए आर्मड सर्विस केबल की व्यवस्था उपभोक्ताओं को करनी होगी।

    20 लाख रुपये से अधिक की सुरक्षा राशि के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को बैंक गारंटी/ई-बैंक गारंटी के माध्यम से भी भुगतान का विकल्प दिया गया है। नवबंर 2025 के टैरिफ आदेश के प्रावधान के अनुरूप तीन किलोवाट और चार किलोवाट भार के लिए थ्री-फेज कनेक्शन का शेड्यूल अध्याय-पांच-ए मीटरिंग शुल्क और आपूर्ति वहन शुल्क में जोड़ा गया है।

    अविकसित गैर-विद्युतीकृत कालोनियों के निवासियों को केवल मीटरिंग शुल्क का भुगतान करना होगा, क्योंकि बुनियादी ढांचे की लागत को पहले से ही प्रति वर्ग फुट विकास शुल्क के माध्यम से वसूलने का प्रविधान किया गया है। बहुमंजिला भवनों में मल्टी-प्वाइंट कनेक्शनों के लिए भी समान व्यवस्था दी गई है।

    11केवी वोल्टेज पर जारी किए जा सकने वाले लोड की सीमा को तीन-एमवीए से बढ़ाकर चार एमवीए कर दिया गया है। यह कास्ट डाटा बुक जारी होने की तिथि से दो वर्षों तक मान्य रहेगी। इसकी वैधता के दूसरे वर्ष के लिए केवल सामग्री दरों (मीटर को छोड़कर) पर पिछले 12 महीनों के थोक मूल्य सूचकांक में परिवर्तन के बराबर प्रतिशत में वृद्धि की अनुमति दी गई है।