UPPCL: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति इस तारीख को करेगी सभाएं... निजीकरण की प्रक्रिया रोकने की मांग की
राज्य में दो डिस्कॉम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने जन जागरण अभियान शुरू किया है। समिति ने निजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को कंसल्टेंट की नियुक्ति प्रक्रिया रोकने की चेतावनी दी है। समिति का कहना है कि इस प्रक्रिया से अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बनेगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दो डिस्कॉम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति तीन जनवरी को प्रतापगढ़ और प्रयागराज, चार जनवरी को भदोही और मिर्जापुर में जन जागरण अभियान के तहत सभाएं करेगी।
इसके बाद पांच जनवरी को प्रयागराज में बिजली पंचायत आयोजित होगी। इस बीच समिति ने निजीकरण के लिए परामर्शदाता नियुक्त करने की पावर कॉर्पोरेशन की प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने जन जागरण अभियान चलाया
दो बिजली कंपनियों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने गुरुवार को फतेहपुर और कौशांबी में जन जागरण अभियान चलाया। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है।
समिति ने निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को कंसल्टेंट की नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने की चेतावनी दी है। समिति ने कहा कि इस प्रक्रिया से अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बनेगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि यह पता चला है कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए परामर्शदाता नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रहा है। परामर्शदाता की नियुक्ति में भी भारी धनराशि खर्च होगी।
उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि परामर्शदाता कॉरपोरेट घरानों से ही होते हैं और ऐसा आरएफपी डॉक्यूमेंट तैयार करते हैं, जो संबंधित कॉरपोरेट घराने के हित में हो।
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फीता बांधकर मनाया काला दिवस
इसके अलावा बुधवार को दो डिस्कॉम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर प्रदेश भर में काला दिवस मनाया। उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर हुए अलग-अलग आयोजनों में अभियंताओं और कर्मचारियों ने निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।
पीपीपी मॉडल के निर्णय को वापस लेने की मांग
आफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर में वंचित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं ने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक काली पट्टी बांधकर काम किया। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों को पीपीपी मॉडल में दिए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।
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