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    वर्ष 2047 तक कई क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य होगा यूपी, विजन डाक्यूमेंट के बड़े लक्ष्य दिलाएंगे बड़ा मुकाम

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 06:51 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश-2047' विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है। इसका लक्ष्य 2047 तक यूपी को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद ...और पढ़ें

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    हेमंत श्रीवास्तव, लखनऊ। समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम अब बहुत आगे बढ़ गया है। डाक्यूमेंट में मध्यम व दीर्घ अवधि के लिए बड़े लक्ष्य शामिल किए जा रहे हैं। ये लक्ष्य हासिल होंगे तो यूपी देश-विदेश में बड़े मुकाम पर नजर आएगा। तब वर्ष 2047 तक यूपी कई क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। विकास का ग्राफ तेजी से आगे बढ़ने पर राज्य में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

    डाक्यूमेंट के माध्यम से सरकार लघु अवधि (वर्ष 2029-30) के लक्ष्यों के साथ ही मध्यम व दीर्घ अवधि (वर्ष 2030-2047) के लिए बड़ा विजन लेकर आगे बढ़ेगी।

    संतुलित विकास के मध्यम व दीर्घ अवधि के लक्ष्यों में जलवायु सहिष्णु यूपी का निर्माण, हरियाली 20 प्रतिशत तथा वन क्षेत्र का राष्ट्रीय योगदान तीन प्रतिशत किया जाना शामिल किया गया है। सभी प्रमुख शहरों को सोलर सिटी बनाने के साथ ही यूपी को शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन और अक्षय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व वाला राज्य बनाने की सोच है। सामाजिक सुरक्षा एवं गरीब कल्याण क्षेत्र में पिछड़े पूर्वांचल व बुंदेलखंड का संतुलित विकास तथा राज्य को मानव संसाधन का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनाने का लक्ष्य लिए जाने का खाका खींचा गया है।

    स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र मेंं राज्य के सभी नागरिकों को बीमा, फार्मा व बायोटेक अनुसंधान के क्षेत्र में नेतृत्व के साथ ही मेडिकल टूरिज्म व इनोवेशन से यूपी को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का लक्ष्य है।

    शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश को शिक्षा व कौशल विकास का वैश्विक केंद्र बनाएंगे, जहां पर विश्वस्तरीय नवाचार व अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के साथ ही राज्य के उच्च शिक्षा संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय ख्याति तक पहुंचाने का लक्ष्य लिया गया है। सुरक्षा व सुशासन के क्षेत्र में यूपी को सुरक्षित, निवेश अनुकूल और संतुलित विकास वाला राज्य बनाने का लक्ष्य लिया गया है।

    कृषि विकास के तहत अनाज, फल व सब्जियों की उत्पादकता को विश्वस्तरीय स्तर तक ले जाने, आधुनिक कृषि नवाचार व अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के साथ ही कृषि से पांच गुणा अधिक मूल्य अर्जित करने का लक्ष्य लिया जा रहा है। पशुधन में प्रदेश को अंडा व दूध के उत्पादन में विश्वस्तरीय स्तर तक पहुंचाना, मत्स्य व पशुपालन को निर्यातकोन्मुख बनाने जैसे लक्ष्य लिए जा रहे हैं।

    औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ईवी बैटरी, सेमीकंडक्टर जैसे उच्च मूल्य उद्योगों में अग्रणी बनाते हुए देश का प्रमुख निर्यात व निवेश केंद्र बनाने का लक्ष्य है। आइटी एवं इलेक्ट्रानिक के क्षेत्र में प्रदेश को एआइ, क्वांंटम कम्प्यूटिंग, ब्लाकचेन में वैश्विक लीडर बनाने के साथ ही डेटा सेंटर हब और आइटी निर्यात शक्ति के रूप में स्थापित करना है। प्रदेश को विश्वस्तरीय टेक्नोलाजी कारीडोर बनाने का लक्ष्य भी लिया जा रहा है।

    यूपी को बनाएंगे विश्व की सांस्कृतिक राजधानी
    पर्यटन विकास के तहत यूपी को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करते हुए परंपराओं और समृद्ध वैभव को वैश्विक पहचान दिलाना है। नगर विकास के क्षेत्र में पांच अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट शहर विकसित करना है, जो कि कनेक्टिविटी, जीवन स्तर और निवेश के मामले में वैश्विक मानकों के अनुरूप होंगे। पूरे प्रदेश में 100 प्रतिशत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने जैसे लक्ष्य भी लिए जा रहे हैं। अवस्थापना विकास के तहत हर मंडल में विश्वस्तरीय हवाई अड्डे का विकास करने का लक्ष्य लिया जा रहा है।