स्टांप विभाग ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम को भेजा नोटिस, करोड़ों के बकाया शुल्क पर मांगा जवाब
स्टांप एवं पंजीकरण विभाग ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पिछले आठ वर्षों के ठेकों और लाइसेंसों पर बकाया स्टांप ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर टोल वसूल करने वाली कंपनी इंदरदीप कंस्ट्रक्शन कंपनी को 23 करोड़ का बकाया स्टांप शुल्क के लिए वाद दर्ज करने के बाद स्टांप एवं पंजीकरण विभाग ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम को भी नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में गत आठ वर्षाें के दौरान रेलवे द्वारा दिए गए ठेकों, लाइसेंस और अन्य डीड की कापी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सहायक आयुक्त स्टांप द्वितीय रमेश चंद्र की ओर से नोटिस जारी की गई है। आयुक्त का कहना है कि कई विभाग ऐसे हैं जहां पर करोड़ों रुपये के ठेके और लाइसेंस उठाए जाते हैं लेकिन केवल सौ रुपये के स्टांप पर ही उसका अनुबंध कर लिया जाता है।
इससे सरकार को करोड़ों रुपये का स्टांप शुल्क का घाटा तो होता ही है किसी विवाद की दशा में कानूनन भी इस तरह के अनुबंध मान्य नहीं होते हैं।
शहरी क्षेत्र में कुल अनुबंध का चार प्रतिशत और नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर दो प्रतिशत स्टांप डयूटी देने का प्राविधान है। गत सितंबर में भी स्टांप विभाग ने रेलवे, टोल और शराब की दुकानों के होने वाले अनुबंध में करोड़ों स्टांप शुल्क चोरी की आशंका जताते हुए पत्र लिखकर अनुबंधों में स्टांप शुल्क के बारे में जानकारी मांगी थी।

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