लखनऊ से गोरखपुर तक... यूपी पुलिस ने 20 जिलों की बना ली लिस्ट, समझिए 3233 जगह पर क्यों तैनात की गई 323 टीमें?
उत्तर प्रदेश पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए सक्रिय है। राज्य के 20 सर्वाधिक दुर्घटना वाले जिलों में 3233 संवेदनशील स्थलों ...और पढ़ें

मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस नए वर्ष में राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौत के दाग को जल्द धोने की तैयारी कर रही है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस ने राज्य के सर्वाधिक दुर्घटना वाले 20 जिलों को चिह्नित किया है। इन जिलों के 233 थाना क्षेत्रों में 3233 दुर्घटना बाहुल्य स्थलों की पहचान की गई है।
इन स्थलों पर सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीमों की तैनाती की गई है। यह टीमें शिफ्ट के अनुसार 24 घंटे संबंधित दुर्घटना वाले स्थलों की निगरानी कर रही हैं। साथ ही दुर्घटना होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ उससे होने वाली मौतों में कमी आ रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुुसार वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 23,652 मौतें उत्तर प्रदेश में हुई थी। पिछले वर्ष आई इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले स्थलों को चिह्नित कर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया, लेकिन खास सफलता हाथ नहीं लगी।

राजीव कृष्ण ने डीजीपी बनने के बाद इसे लेकर जिरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक का कार्यक्रम चलाया और उसके संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस ने मंत्रालय और अपने डाटा का अध्ययन कर राज्य के 20 जिलों के 233 संवेदनशील थानों को चिह्नित किया।
इसके बाद 89 संवेदनशील कारिडोर चिह्नित किए गए। इन स्थलों पर सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए 323 क्रिटिकल कारिडोर टीमों का गठन किया। इन टीमों को शिफ्टवार 24 घंटे निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस कार्यक्रम के शुरू होने बाद से दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 के आंकड़ों के अध्ययन में इस बात की पुष्टि हुई है कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और उसमें मरने वालों की संख्या में क्रमशः 11.70 और 6.01 प्रतिशत की कमी आई है।
वहीं घायलों की संख्या में 7.12 प्रतिशत की कमी आई है। इस संदर्भ में डीजीपी का कहना है कि पुलिस का प्रयोग सफल रहा है, सार्थक परिणाम सामने आए हैं। नए वर्ष में हमारा लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादा से ज्यादा कमी लाना है।
सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए किए गए इंतजाम
सड़क दुर्घटना रोकने के लिए संवेदनशील स्थलों पर प्रकाश की व्यवस्था की गई है। साथ ही कुछ स्थलों पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। सड़कों पर बने गड्ढों को सही कराया जा रहा है। आसपास के दुकानदारों व लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सूचना बोर्ड के माध्यम से 100 मीटर पहले इन स्थलों को लेकर वाहन चालकों को चेतवनी जारी की गई है। सड़कों के किनारे वाहनों को खड़ा होने से रोका गया है। सड़कों पर दुर्घटना स्थलों के पास रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। दुर्घटना होने पर घायलों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
यह 20 जिले संवेदनशील घोषित
सड़क दुर्घटना के मामले में लखनऊ, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, प्रयागराज, बुलंदशहर, उन्नाव, हरदोई, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, फतेहपुर, सीतापुर, गोरखपुर, बाराबंकी, कुशीनगर, जौनपुर, बदायूं, फिरोजाबाद व आजमगढ़ को संवेदऩशील जिलों की श्रेणी में शामिल किया गया है।

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