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    यूपी में एक साल में चार लाख कम हुए चालान, फिर भी हादसे बने चुनौती

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:33 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश में यातायात जागरूकता अभियानों के कारण 2025 में चालानों में चार लाख की कमी आई है। हालांकि, सड़क हादसों और मौतों के आंकड़े अभी भी चिंताजनक ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए यातायात जागरूकता अभियान का असर आंकड़ों में दिखने लगा है। हेलमेट, सीट बेल्ट और स्पीड लिमिट को लेकर लगातार की गई सख्ती और जागरूकता के चलते वर्ष 2025 में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में करीब चार लाख कम चालान किए गए। हालांकि, दूसरी ओर सड़क हादसों और मौतों के आंकड़े अब भी चिंता बढ़ा रहे हैं।

    पिछले वर्ष नवंबर तक प्रदेश में करीब 24 हजार से अधिक सड़क हादसे हुए, जिनमें लगभग 40 हजार लोगों की मौत हो गई। सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में ओवरलोडिंग, हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, ओवरस्पीडिंग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना और एक्सप्रेस-वे पर स्पीड कंट्रोल की कमी शामिल है। इसके बावजूद चालानों की संख्या में कमी आई है।

    परिवहन विभाग का दावा है कि लगातार चलाए गए यातायात जागरूकता अभियानों ने वाहन चालकों के व्यवहार में बदलाव किया है। यही वजह है कि वर्ष 2024 में जहां कुल 17,58,930 चालान किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 13,78,919 रह गई।

    हालांकि, वर्ष 2025 में भी सबसे अधिक चालान हेलमेट न पहनने के मामलों में ही दर्ज हुए। केवल हेलमेट उल्लंघन के 6,32,901 चालान किए गए। नियम तोड़ने वालों से वर्ष 2025 में कुल 454.49 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई। परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में सड़क सुरक्षा को लेकर और सख्ती की जाएगी। डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी कैमरों का विस्तार और जागरूकता अभियानों को और मजबूत किया जाएगा।

    अभी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान, ब्लैक स्पाट पर कड़ी निगरानी और स्कूल-कालेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग और सूचना विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। जागरूकता के साथ-साथ सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रखी जा सके।

    वर्ष 2025 के कुछ आंकड़े:

    • कुल चालान: 13,78,919
    • कुल वसूली: 454.49 करोड़ रुपये
    • हेलमेट न पहनने पर चालान: 6,32,901
    • सीट बेल्ट न लगाने पर चालान: 1,33,189
    • ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित: 14,535

    ओवरस्पीडिंग मामले:

    • वर्ष 2024: 7,77,897
    • वर्ष 2025: 3,30,171
    • ड्रिंक एंड ड्राइव: 3,611
    • गलत दिशा में वाहन चलाना: 56,079
    • व्यावसायिक वाहनों पर कार्रवाई:
    • ओवरलोडिंग: 54,923
    • गलत नंबर प्लेट: 11,892
    • माल वाहन से यात्री ढोना: 1,226
    • स्पीड लिमिट डिवाइस न होने पर: 20,431