बिजली अभियंता बोले संविधान की रक्षा करेंगे, निजीकरण नहीं स्वीकार, पावर आफिसर्स एसोसिएशन का प्रांतीय सम्मान समारोह
उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मान समारोह में अभियंताओं ने संविधान की रक्षा और बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करने का संकल्प लिय ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मान समारोह में रविवार को अभियंताओं ने संविधान की रक्षा करने व निजीकरण के विरोध का संकल्प लिया। इस मौके पर सेवानिवृत्त अभियंताओं को भी सम्मानित किया गया।
फील्ड हास्टल पार्क में आयोजित सम्मान समारोह में संवैधानिक संस्था सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी में सदस्य नामित होने पर अवधेश कुमार वर्मा को ''''ऊर्जा रत्न सम्मान'''' प्रदान किया गया। 27 सेवानिवृत्त अभियंताओं को ''''अभियंता रत्न'''' की उपाधि से सम्मानित किया गया।
सभी को अंगवस्त्र व भारत के संविधान की प्रति सौंपी गई। पावर आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने स्पष्ट किया था कि बिजली क्षेत्र हमेशा सार्वजनिक क्षेत्र में रहना चाहिए। उसी मार्ग पर चलते हुए सरकारी क्षेत्र में ही बिजली का विकास संभव है। उन्होंने सभी अभियंताओं को संकल्प दिलाया कि किसी भी हालत में निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अभियंता रत्न से सम्मानित होने वालों में आरपी केन, एसपी सिंह, महेंद्र सिंह, महेश चंद्रा, नंदलाल, लोकेश कुमार, एसके निर्मल, राम बुझारत, जेपी विमल, प्रशांत सिंह, एससी रावत, रवि प्रताप गुप्त, ऋषि तरन वीर, अशोक कुमार चंद्र, विशाल, सीबी सिंह, तुलसीराम, कलन प्रसाद, राजकुमार, पीएम प्रभाकर, डीके दोहरे, सरोज कुमार रावत, सुशील कुमार आर्य, पीएन प्रसाद, मोतीलाल, दीप रंजन शामिल हैं।

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