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    PM-AGY: यूपी के गांवों को क्यों नहीं मिल पाए 20-20 लाख रुपये? एक कागज और अटक गए 500 करोड़

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:03 PM (IST)

    जिला स्तर पर उपभोग प्रमाण पत्र न भेजने के कारण प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना और प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना में बजट खर्च नहीं हो पा रहा ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जिला स्तर पर बजट के उपभोग प्रमाण पत्र भेजने हो रही लापरवाही ने समाज कल्याण विभाग के बजट खर्च की गति को गड़बड़ा दिया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित बजट को खर्च करने की अनुमति ही नहीं मिल रही, ऐसे में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में एक रुपया भी खर्च नहीं किया जा सका है।

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    वहीं प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम एजीवाई) के तहत सहायता अनुदान के लिए भी खर्च की स्थिति शून्य है। वहीं विभाग में योजनाओं के कुल बजट की बात करें तो फिलहाल 39.54 प्रतिशत राशि खर्च की गई है।

    पीएम एजीवाई के प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना घटक के तहत 40 प्रतिशत से अधि अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाले गांवों में विकास कार्य कराने के लिए 20 लाख रुपये दिए जाते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, परंतु पिछले वित्तीय वर्ष में योजना के तहत हुए खर्च के उपभोग प्रमाण पत्र अब तक नहीं दिए हैं, ऐसे में बजट आवंटन की प्रक्रिया अटकी हुई है।

    वहीं पीएम एजीवाई के सहायता अनुदान तहत अनुसूचित जाति के लोगों के स्वयं सहायता समूह बनाकर उनको व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया गया है, परंतु यह राशि भी खर्च नहीं हो पा रही है।

    वहीं विभाग के कुल बजट की बात करें तो वर्तमान वित्तीय वर्ष में योजनाओं के लिए 12822.41 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।इसके मुकाबले विभाग 8457.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर चुका है, जो कुल बजट का 65.96 प्रतिशत है। वहीं योजनाओं के कुल बजट के मुकाबले 15 दिसंबर तक 5069.95 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

    महत्वपूर्ण योजनाओं में पीएम एजीवाई के अलावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रविधानित 550 करोड़ रुपये में से 22.14 प्रतिशत, आश्रम पद्धति विद्यालयों के निर्माण के लिए प्रविधानित 125 करेाड़ रुपये में से 32.20 प्रतिशत ओर प्राइमरी पाठशालाओं के सुधार एवं विस्तार के लिए प्रविधानित 225 करोड़ रुपये में से 41.33 प्रतिशत राशि खर्च की गई है।

    समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने बताया कि पीएम एजीवाई में उपभोग प्रमाण पत्र न भेजे जाने के कारण खर्च में विलंब हुआ है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। ग्रामों के चयन आदि की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, बजट का समय से शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा। सामूहिक विवाह सहित अन्य आयोजनों में खर्च की गति बढ़ाई जा रही है।