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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: यूपी के 45 जिलों में पूरा हुआ डिजिटल क्रॉप सर्वे, मुख्यमंत्री ने इन आठ जिलों को दी सख्त हिदायत

By Anand MishraEdited By: Shivam Yadav
Published: Tue, 10 Oct 2023 12:57 AM (IST)Updated: Tue, 10 Oct 2023 06:01 AM (IST)

फसलों का डिजिटल डाटा बेस तैयार करने के लिए प्रदेश भर में चलाई जा रही ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल क्राप सर्वे) ...और पढ़ें

45 जिलों में पूरा हुआ डिजिटल क्राप सर्वे, आठ जिलों में गति सुस्त
45 जिलों में पूरा हुआ डिजिटल क्राप सर्वे, आठ जिलों में गति सुस्त

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। फसलों का डिजिटल डाटा बेस तैयार करने के लिए प्रदेश भर में चलाई जा रही ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल क्राप सर्वे) की मुहिम मुकाम तक पहुंचाती दिखाई दे रही है। 45 जिलों में डिजिटल क्राप सर्वे का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो गया है, जबकि 10 जिलों में 99 प्रतिशत तक सर्वे किया जा चुका है। 

वहीं, आठ जिले अपेक्षाकृत सर्वे में कुछ पीछे दिख रहे हैं, इनकी उपलब्धि 80-90 प्रतिशत रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वे के कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने धीमी प्रगति वाले जिलों को लेकर नाराजगी जताई है और वहां के जिलाधिकारियों को तेज गति से सर्वे का कार्य पूरा करने की सख्त हिदायत दी है।

बता दें कि प्रदेश में डिजिटल क्राप सर्वे के तहत प्रदेश 21 जिलों में शत प्रतिशत एवं शेष 54 जिलों के 10 राजस्व ग्राम में सर्वे का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के कार्य में लगे प्रत्येक सर्वेयर को प्रतिदिन न्यूनतम 50 गाटा संख्या का सर्वे करने का लक्ष्य दिया गया है। 

इस कार्य में कुल 17500 सर्वेयर लगाए गए हैं। प्रदेश के 27641 राजस्व ग्रामों में 1.19 करोड़ से अधिक खेतों के डिजिटल कार्य सर्वे के सापेक्ष 19123 राजस्व ग्रामों के 1.09 करोड़ से अधिक गाटा संख्या का सर्वे पूरा कर लिया गया है।

किस जिले की कितनी रही उपलब्धि

21 जिले जहां शत प्रतिशत सर्वे का कार्य किया जा रहा है, उनमें हमीरपुर, चंदौली, देवरिया, अयोध्या, बस्ती, मुरादाबाद, जालौन, औरैया, सुलतानपुर, हरदोई, मीरजापुर, महोबा और फर्रुखाबाद में 90 से लेकर 99 फीसदी तक सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। 

वहीं, शेष आठ जिलों संत कबीरनगर, प्रतापगढ़, जौनपुर, चित्रकूट, झांसी, भदोही, वाराणसी और गोरखपुर में 80 से 90 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। इन जिलों की सुस्त गति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की है। 

54 जिले जहां 10 राजस्व ग्रामों के राजस्व सर्वे का कार्य किया जा रहा है, उनमें बागपत, आजमगढ़, अमरोहा, बलरामपुर, गोंडा, एटा, आगरा, बहराइच, बरेली, बिजनौर, फतेहपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर, हाथरस, कौशांबी, ललितपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, शामली, श्रावस्ती, सोनभद्र, उन्नाव, सहारनपुर, फिरोजाबाद, बांदा, बुलंदशहर, रामपुर, गौतमबुद्ध नगर, कन्नौज, शाहजहांपुर, कासगंज, मैनपुरी, खीरी, सिद्धार्थनगर, प्रयागराज, महाराजगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, अलीगढ़, सीतापुर, संभल, कुशीनगर, कानपुर देहात, हापुड़, मऊ और लखनऊ में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि इटावा, अंबेडकर नगर, संभल, बलिया, बदायूं, मथुरा, अमेठी, बाराबंकी और पीलीभीत में 99 प्रतिशत तक सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है।

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