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UP: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद दिसंबर में ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के आसार

By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
Published: Sat, 13 Dec 2025 01:35 PM (IST)

Yogi Adityanath Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रविवार काे चुनाव होने के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल ...और पढ़ें

योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल के आसार

योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल के आसार 

HighLights

  1. सहयोगी दलों के विधायकों को भी दिलाई जा सकती है मंत्री पद की शपथ

  2. भूपेंद्र सिंह चौधरी का मंत्री बनना तय, जातीय व क्षेत्रीय समीकरण का भी रखा जाएगा ध्यान

  3. फेरबदल के जरिए जातीय के साथ क्षेत्रीय समीकरण भी साधेगी भाजपा 

राज्य ब्यूराे, जागरण, लखनऊः भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश काे रविवार काे नया अध्यक्ष मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल के भी आसार हैं। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष हाेने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव काे ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल पर जाेर देगी।
 
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रविवार काे चुनाव होने के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल के भी आसार हैं। दिसंबर में ही मंत्रिमंडल में फेरबदल के आसार हैं। खरमास के बीच 31 दिसंबर से पहले ही फेरबदल हो सकता है। मौजूदा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। एक दो राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। यह बदलाव विधानसभा चुनाव 2027 के नजरिए से जातीय व क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए होगा।
पहला फेरबदल पांच मार्च 2024 को
 
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2022 में दूसरी बार बनी एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल में पहला फेरबदल पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च को किया गया था। पूर्वांचल से सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर व सपा छोड़ भाजपा में आए दारा सिंह चौहान के साथ ही पश्चिमी यूपी से अनिल कुमार और सुनील शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
 
अब विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में दूसरे फेरबदल में भी कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री भी बनाने की चर्चा है। मुख्यमंत्री के साथ ही अब पूर्वी उत्तर प्रदेश से भाजपा के अध्यक्ष के भी होने से माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं।
 
वर्ष 2022 में सरकार बनने पर जातीय समीकरण साधते हुए पिछड़ा वर्ग से 20, दलित वर्ग से आठ, ब्राम्हण सात, क्षत्रिय छह, वैश्य चार तथा दो भूमिहार मंत्री बनए गए थे। इसमें कायस्थ, सिख व मुस्लिम समाज से एक-एक मंत्री भी बनाए गए थे। कुल पांच महिलाओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
 
मार्च 2024 में मंत्रिमंडल के पहले फेरबदल में पूर्वांचल से पिछड़ा वर्ग से आने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और सपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए दारा सिंह चौहान को शपथ दिलाई गई थी, जबकि पश्चिमी यूपी से अनिल कुमार और सुनील शर्मा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए।

छह नए लोगाें काे शामिल करने की गुंजाइश
 
योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्री समेत वर्तमान में 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री हैं। इस तरह से कुल 54 मंत्री हैं। नियमानुसार मंत्रिमंडल में अधिकतम 60 सदस्य हो सकते हैं। इस तरह छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है। मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में समाजवादी पार्टी के बागियों को भी जगह मिल सकती है।
दाे से तीन बागी मंत्री बनाए जा सकते हैं। सपा के बागियों की बात करें तो पूजा पाल, मनोज पांडेय के मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इसके साथ ही महेंद्र सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा है।
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में न सिर्फ भाजपा बल्कि राष्ट्रीय लोकदल और अपना दल से भी एक मंत्री बनाए जा सकते हैं।