स्वच्छता अभियान को दी जाएगी अधिक गति, अब हर वार्ड में दो पालियों में होगी सफाई
Mission Of CM Yogi Adityanath: निर्देश हैं हर वार्ड में सुबह और शाम, दो पालियों में सफाई कराने के साथ ही कूड़े का उठान भी कराया जाए। सभी नगर आयुक्त और ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पेयजल और साफ-सफाई को लेकर कड़े रुख
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : इंदौर की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पेयजल और साफ-सफाई को लेकर कड़े रुख के बाद नगर विकास विभाग शहरी क्षेत्र में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कोशिश में जुट गया है।
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए शुक्रवार को आदेश जारी करने के बाद शनिवार को अवकाश के दिन भी सफाई व्यवस्था संबंधी विस्तृत आदेश जारी किया गया। निर्देश हैं हर वार्ड में सुबह और शाम, दो पालियों में सफाई कराने के साथ ही कूड़े का उठान भी कराया जाए। सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को प्रतिदिन मलिन बस्तियों व घने इलाकों में मौके पर जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को रात में वीडियो कांफ्रेंसिंग से की गई समीक्षा बैठक में पेयजल आपूर्ति, सफाई ओर संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए निर्देश दिए थे। इसको लेकर एक आदेश शुक्रवार देर शाम को ही जारी कर दिया गया था, जिसमें पेयजल व सीवर लाइन के क्राम कनेक्शन की नियमित जांच करने के लिए गया था।
इसके बाद शनिवार को प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुुरु प्रसाद की ओर से सभी संबंधित को एक और आदेश जारी कर कहा गया कि शहरी क्षेत्रों की घनी बस्तियों और मलिन बस्तियों में संपूर्ण स्वच्छता अभियान चलाया जाए। जिससे स्वास्थ्य संबंधी कोई असामान्य स्थिति पैदा न हो सके। हर वार्ड में सुबह पांच से आठ बजे तक सड़कों-गलियों की सफाई कराई जाए और इसके लिए बीट बनाकर कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाए। शाम को भी दूसरी पाली में सफाई और कूड़े का उठान होना चाहिए।
निकाय क्षेत्र के सार्वजनिक-सामुदायिक शौचालयों में भी सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो। बस्तियों के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में सूक्ष्म योजना बनाकर एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर, मैलाथियान डस्ट आदि का नियमित छिड़काव कराया जाए। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सफाई के दौरान एकत्र कूड़े को उसी समय लैंडफिल साइट पर भेजा जाए। कूड़ा या सिल्ट को किसी भी दशा में सड़क पर न छोड़ा जाए। साथ में शहरवासियों को संक्रामक रोगों की रोकथाम, शुद्ध पेयजल का उपयोग, स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को भी कहा गया है।
सभी नगर निगमों के नगर आयुक्त और नगर पालिका परिषद-नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को प्रतिदिन मलिन या घनी बस्तियों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट नगरीय निकाय निदेशालय को भेजने के भी निर्देश दिए गए है। निदेशक को रिपोर्ट का परीक्षण कर प्रति सप्ताह शासन को उपलब्ध कराना होगा।

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