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    यूपी में 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' से बेटियों का भविष्य हो रहा सशक्त, सहायता राशि 25000 होने से बढ़ा परिवारों का भरोसा

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 06:13 PM (IST)

    योगी सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। यह योजना लगभग 27 लाख बेटियों के भविष्य को संवार रही ...और पढ़ें

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    यूपी में बेटियों का भविष्य उज्ज्वल

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बालिकाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' एक मील का पत्थर साबित हो रही है। "बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की असली शक्ति हैं" — इस संकल्प के साथ शुरू हुई यह योजना आज प्रदेश की लगभग 27 लाख बेटियों के भविष्य को संवार रही है। कन्या भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को जड़ से मिटाने और लैंगिक समानता (Gender Equality) सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू यह योजना न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि बेटियों के जन्म के प्रति समाज में एक सकारात्मक विमर्श भी पैदा कर रही है।

    आंकड़ों में सफलता: धरातल पर दिख रहा बदलाव

    मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की सफलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक सरकार इस मद में 647.21 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुँचा चुकी है। चालू वर्ष में ही 3.28 लाख नई बालिकाओं को 130.03 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि यह योजना केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक ढांचे के जरिए प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठी बेटी तक पहुँच रही है।

    पात्रता और सामाजिक सुरक्षा का कवच

    वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिल रहा है जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है। परिवार नियोजन को प्रोत्साहन देने के लिए इसे अधिकतम दो बच्चों वाले परिवारों तक सीमित रखा गया है। सरकार की इस नीति का दूरगामी लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबी किसी भी मेधावी बेटी की शिक्षा या विकास की राह में बाधा न बने।

    15,000 से 25,000 तक का सफर: हर कदम पर साथ

    योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए योजना की कुल सहायता राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। यह राशि छह महत्वपूर्ण चरणों में सीधे बैंक खातों (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है:

    चरण अवसर/कक्षा सहायता राशि (₹)
    प्रथम जन्म के समय 5,000
    द्वितीय टीकाकरण पूर्ण होने पर (2 वर्ष) 2,000
    तृतीय कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000
    चतुर्थ कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000
    पंचम कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000
    षष्ठ स्नातक/डिप्लोमा/डिग्री कोर्स में प्रवेश 7,000