नववर्ष संदेश में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताए भारत के भविष्य के संकल्प, कहा- ब्रह्मांड को जानें, स्वयं को पहचानें
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नववर्ष 2026 पर राजभवन में शुभकामनाएं स्वीकार कीं। उन्होंने आत्ममंथन, सकारात्मक सोच और बच्चों की सही परवरिश पर जोर दिया। राज् ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नववर्ष 2026 के अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को राजभवन में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुभकामनाएं दीं। नववर्ष को आत्ममंथन, सकारात्मक सोच और नए संकल्पों का समय बताते हुए कहा कि आज आवश्यकता है विश्व को समझने, ब्रह्मांड को जानने और व्यक्ति की पहचान को विकसित करने की। भारत उपग्रहों और आधुनिक तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए इस दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नकारात्मक सोच से दूर रहने और बच्चों की सही परवरिश पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। कहा कि बिना परिश्रम के सफलता संभव नहीं है और हर व्यक्ति को अपने स्तर पर बीमारियों के उन्मूलन का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अपनी हालिया गुजरात यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर को देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कहा कि इन संस्थानों में विकसित फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और रक्षा तकनीकें देश की सुरक्षा और विकास को नई मजबूती दे रही हैं।
इन्हीं अनुभवों के आधार पर राजभवन परिसर में इसरो-प्रेरित विशेष लैब स्थापित की जा रही है, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिल सकेगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बताया कि प्रदेश के 66 प्रतिशत विश्वविद्यालय नैक से एक्रेडिटेड हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसका श्रेय राज्यपाल के मार्गदर्शन को दिया। इस अवसर पर राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

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