राज्य बीमा अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की संविदा पर होगी भर्ती, पैरामेडिकल कैडर के कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग से तैनात करने का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआइ) अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए संविदा पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही, ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआइ) अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए संविदा के आधार पर उनकी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पैरामेडिकल संवर्ग के कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे ईएसआइ योजना के तहत इलाज कराने वाले लाखों बीमित कामगारों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत 31.27 लाख बीमित कामगारों और लगभग 1.21 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इन लाभार्थियों के इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा कानपुर नगर, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, सोनभद्र, प्रयागराज और सहारनपुर में कुल 10 कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालयों का संचालन किया जा रहा है।
यहां से होता है छह चिकित्सालयों का संचालन
इसके अलावा लखनऊ के सरोजनीनगर, कानपुर नगर के जाजमऊ, बरेली, गाजियाबाद के साहिबाबाद, वाराणसी और नोएडा के छह चिकित्सालयों का संचालन सीधे कर्मचारी राज्य बीमा निगम (भारत सरकार) द्वारा किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित ईएसआइ अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की स्थिति चिंताजनक है। यहां 52 स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों के सापेक्ष केवल पांच विशेषज्ञ ही वर्तमान में कार्यरत हैं। हालांकि साधारण ग्रेड के चिकित्साधिकारी पदों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। 98 पदों के मुकाबले 87 चिकित्साधिकारी तैनात हैं। विशेषज्ञों की इस कमी का सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है।
गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों को या तो निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है या फिर अन्य सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का निर्णय लिया है। इसके तहत ईएसआइ अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी पूरी करने के लिए 89 विशेषज्ञ चिकित्सकों की संविदा भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
वहीं, पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है। उपलब्ध 341 पदों के सापेक्ष केवल 138 कर्मचारी ही तैनात हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए पैरामेडिकल कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही आउटसोर्सिंग आधार पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की जा रही है।

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