बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें कम होने से वापस होंगे 100 करोड़, आायोग ने प्रस्ताव किए खारिज
विद्युत नियामक आयोग ने नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को राहत दी है। 10 सितंबर से अब तक लगभग 3.15 लाख उपभोक्ताओं से प्रीपेड स्मार्ट मीटर ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विद्युत नियामक आयोग ने बिजली का नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के साथ ही उन उपभोक्ताओं को भी राहत दी है, जिन्होंने 10 सितंबर से अब तक बिजली के नए कनेक्शन लिए हैं। ऐसे लगभग 3.15 लाख उपभोक्ताओं को उनसे प्रीपेड स्मार्ट मीटर के लिए वसूली गई 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त धनराशि बिजली कंपनियां वापस करेंगी।
आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह द्वारा तय किए गए कास्ट डाटा बुक को आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने जारी किया है, जिसमें आयोग ने स्पष्ट किया है कि नए उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर के मद में स्वीकृत दरों से अधिक धनराशि वसूल की गई है। इनके निपटान के लिए आयोग की ओर से अलग से आदेश पारित किया जाएगा। बता दें कि बिजली कंपनियों ने 10 सितंबर के बाद कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से सिंगल फेज के लिए 6016 रुपये और थ्री फेज के लिए 11,342 स्मार्ट मीटर के लिए लिए गए हैं।
मीटर की दर अब 2800 और 4100 रुपये कर दी
आयोग ने कास्ट डाटा बुक में मीटर की दर अब 2800 और 4100 रुपये कर दी है। कास्ट डाटा बुक पर उपभोक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखने वाले उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग ने पावर कारपोरेशन के अधिकांश प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की लागत को 8000 रुपये से अधिक निर्धारित करने के प्रस्ताव को आयोग ने अस्वीकार कर परिषद की मांग को स्वीकार किया है।
150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अब ट्रांसफार्मर, पोल या कंडक्टर जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए इस्टीमेट की चिंता नहीं करनी होगी। विभाग 300 मीटर की दूरी तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं स्वयं कर कनेक्शन उपलब्ध कराएगा। नई व्यवस्था के लागू होने से अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही 40 मीटर तक कनेक्शन देने की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।
यदि उपभोक्ता 100 मीटर की दूरी तक दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन लेना चाहता है तो नई व्यवस्था में उसे केवल 5500 एकमुश्त जमा करने होंगे। 300 मीटर की दूरी पर मात्र 7555 जमा करने होंगे। पहले ऐसे मामलों में खंभे, ट्रांसफार्मर व अन्य खर्चों पर भारी राशि खर्च करनी पड़ती थी।

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