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यूपी के मजदूरों की चमकेगी किस्मत! सरकार की नई योजना से ट्रेनिंग भी मिलेगी और खाते में आएंगे पैसे

Published: Thu, 01 Jan 2026 09:59 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत उन्हें आधुनिक तकनीकों में ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ईंट-पत्थर और सीमेंट के बीच पसीना बहाने वाले निर्माण श्रमिक अब केवल मजदूर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित और प्रमाणित कुशल कर्मकार बनेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए ऐसी योजना शुरू की है, जो उनके हाथों को हुनर, जेब को सुरक्षा और भविष्य को नई उड़ान देने का काम करेगी। आधुनिक प्रशिक्षण, मजदूरी की भरपाई और प्रमाणपत्र यानी सीख भी, सहारा भी और रोजगार का भरोसा भी।

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में एक करोड़ 89 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें इस योजना से जोड़ने की तैयारी है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बोर्ड और दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इसके तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। पहले चरण में प्रदेश के सात जिलों गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कुल एक लाख श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसमें पहले चरण में 20 हजार श्रमिकों को प्रशिक्षण मिलेगा।

श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डा. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि प्रशिक्षण निटकान लिमिटेड (सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था) द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान श्रमिकों की मजदूरी में होने वाले नुकसान की भरपाई डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में की जाएगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाणपत्र प्रदान दिया जाएगा, जो न केवल देश में बल्कि विदेशों में रोजगार पाने में भी सहायक सिद्ध होगा।