बाजरा 2775 और ज्वार का 3749 एमएसपी, फिर भी यूपी के किसानों ने क्यों फेरा मुंह? सरकारी खरीद का फाइनल डेटा जारी
उत्तर प्रदेश में मोटे अनाजों (बाजरा, ज्वार, मक्का) की सरकारी खरीद लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के कारण बाजरा की खरीद पिछले स ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के चलते मोटे अनाजों (बाजरा, ज्वार और मक्का) की सरकारी खरीद लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। ज्वार की खरीद तो पिछले साल के मुकाबले भी कम रही और इस बार सरकारी क्रय केंद्रों पर 43,562 टन ज्वार ही खरीदा जा सका। वहीं बाजरा की खरीद पिछले वर्ष के मुकाबले तो दोगुणा से अधिक रही, परंतु लक्ष्य फिर भी पूरा नहीं हो सका।
प्रदेश में एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक मोटे अनाज की खरीद की गई। बाजरा के लिए 2775 प्रति क्विंटल , मक्का के लिए 2400 प्रति क्विंटल और ज्वार हाईब्रिड के लिए 3699 प्रति क्विंटल व ज्वार मालदांडी के लिए 3749 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया गया था।
बाजरा खरीद के लिए 33 जिलों 300, मक्का के लिए 25 जिलों में 75 और ज्वार के लिए 11 जिलों में 80 क्रय केंद्र खोले गए थे, परंतु किसानों के सत्यापन में देरी के चलते खरीद की गति धीमी रही। केंद्रों पर मनमानी, किसानों को लौटाने जैसी शिकायतें चलती रहीं।
ज्वार खरीद के लिए इस बार 50 हजार टन का लक्ष्य रखा गया था, परंतु खरीद पिछले साल के मुकाबले भी 10731 टन कम रही। पिछले वर्ष 47,015 टन ज्वार की खरीद हुई थी। वहीं पिछले साल 1,01,311 टन बाजरा खरीदा गया था और इस बार 2,13,972 की खरीद हुई, जबकि इसके लिए 2.20 लाख टन का लक्ष्य निर्धारित था। इनके अलावा खरीफ विपणन सत्र में पहली बार मक्का की खरीद हुई। जिसमें 15 हजार टन के लक्ष्य के मुकाबले 13,208 टन मक्का खरीदा गया है।

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