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    बच्चाें का सेशन नहीं हाेगा लेट, नए सत्र में परिषदीय विद्यालयों में समय से मिलेंगी किताबें

    By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 07:46 PM (IST)

    UP Basic And Secondary Education: नए शैक्षणिक सत्र में समय से किताबें उपलब्ध कराना अब तक बेसिक शिक्षा विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती रहा है। व्यवस्था म ...और पढ़ें

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    अप्रैल में स्कूल खुलते ही बच्चों को किताबें 

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: परिषदीय और सरकारी विद्यालयों में बच्चों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। हर साल शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी किताबें देर से मिलने की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन इस बार लक्ष्य है कि

    मिल जाएं।

    परिषदीय विद्यालयों में यदि सत्र की शुरुआत में ही बच्चों को किताबें मिल जाती हैं, तो पढ़ाई की गति बेहतर रहती है और शैक्षणिक नुकसान से बचा जा सकता है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में समय पर किताबें नहीं पहुंच पाने की समस्या अधिक रहती है। कई बार अप्रैल में स्कूल खुलने के बाद सितंबर या अक्टूबर तक बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाती हैं, जिससे पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होती है।

    नए शैक्षणिक सत्र में समय से किताबें उपलब्ध कराना अब तक बेसिक शिक्षा विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती रहा है। व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कमी न रहे, इसके लिए पूरी प्रक्रिया की एक बार फिर समीक्षा की जाएगी। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि पुस्तकों की आपूर्ति व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी, ताकि वितरण समय पर और सुचारू रूप से हो सके। समीक्षा के दौरान पुस्तकों की छपाई, भंडारण और विद्यालयों तक वितरण की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। पूरा प्रयास है कि इस बार नया शैक्षणिक सत्र बिना किसी बाधा के शुरू हो और बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सभी संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।

    माध्यमिक विद्यालयों में भी समय से मिलेंगी पाठ्य पुस्तकें

    माध्यमिक विद्यालयों में इस शैक्षणिक सत्र में पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में निर्धारित प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां से छात्र-छात्राएं आसानी से पाठ्यपुस्तकें क्रय कर सकेंगे। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध हो जाएं, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए जिला स्तर पर व्यवस्था मजबूत की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी प्वाइंट्स पर पर्याप्त संख्या में पुस्तकें उपलब्ध रहें।

    इस व्यवस्था से खासकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें अब किताबों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग का दावा है कि तय प्वाइंट्स के जरिये पारदर्शी और सुचारू तरीके से पुस्तकों का वितरण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों को सुविधा होगी।