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UP में अब आधार e-KYC के बाद ही बनेंगे आयुष्मान कार्ड, लाभार्थी Card में नहीं जोड़ पाएंगे परिवार के नए सदस्य का नाम, विकल्प खत्म

Published: Thu, 01 Jan 2026 05:30 AM (IST)Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:29 AM (IST)

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने बीआइएस-2.0 प्रणाली लागू कर नए आयुष्मान कार्ड को केवल आधार ई-केवाईसी के बाद बनाने का ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नए आयुष्मान कार्ड अब आधार ई-केवाईसी के बाद ही बनेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने बेनिफिशयरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआइएस-2.0) प्रणाली लागू की है। इसके चलते अब सभी लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड आधार ई-केवाईसी के बाद ही बनेंगे। इसके अलावा कार्ड में नए सदस्य जोड़ने के विकल्प को खत्म किया गया है।

सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) -2011 के तहत बचे हुए परिवारों में ही इस विकल्प का प्रयोग करते हुए परिवार में नए सदस्य जोड़े जा सकते हैं। स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेस (साचीज) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि संदिग्ध कार्डों की पहचान स्टेट एंटी फ्राड यूनिट पोर्टल (एसएएफयू बीआइएस) से कराई जा रही है।

संदिग्ध कार्डों की नियमित रूप से होती है पहचान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) कृत्रिम बुद्धिमता (एआइ) आधारित तकनीक और आटोमेटेड साफ्टवेयर से संदिग्ध कार्डों की नियमित रूप से पहचान करता है। संदिग्ध कार्डों से इलाज भी रोक दिया जाता है। इसके बाद कार्ड की जांच आडिटर से कराई जाती है। जो कार्ड सही पाए जाते हैं, उन्हें संदिग्ध की श्रेणी से हटा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक बनाए गए कुल आयुष्मान कार्ड में से 61,932 कार्ड चिह्नित किए गए हैं।

इनकी जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन आफिसर (एफआइओ) कर रहे हैं। अब तक 48,435 आयुष्मान कार्ड का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सभी जिलाधिकारियों (डीएम), मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ), मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को संदिग्ध कार्डों का विवरण उपलब्ध कराते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक कर्मचारी की भूमिका को एसटीएफ ने संदिग्ध बताया था, उसे हटा दिया गया है।