यूपी में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अब मिलेगा बकाया किराया, जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में जाएगी धनराशि
उत्तर प्रदेश में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के छह माह से लंबित किराए और बिजली बिल का भुगतान अब हो सकेगा। नगरीय निकाय निदेशक ने सभी निकायों को जिला स ...और पढ़ें

शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अब मिलेगा बकाया किराया।
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का छह माह से बकाया किराया और बिजली बिल का भुगतान अब मिल सकेगा। नगरीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा ने सभी निकायों को बजट जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में देने के निर्देश दिए हैं। बजट के इस्तेमाल का प्रमाण पत्र जिला समितियों के माध्यम से निकायों को भेजा जाएगा।
प्रदेश में 1013 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किराया, बिजली का बिल और संचालन के मद का बजट 15वें वित्त आयोग से दिया गया था। इसे खर्च किस खाते से किया जाएगा, इसको लेकर दिक्कतें बनी हुई थी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और स्थानीय निकाय निदेशालय के बीच समन्वय न होने से 213 करोड़ रुपये से अधिक कई महीने से बिना उपयोग के पड़ा रहा।
इसके बाद जिस भवन में आरोग्य मंदिरों का संचालन हो रहा है, उनके मालिकों की शिकायत के बाद एनएचएम से बजट खर्च के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए।
लगभग 10 दिन बाद स्थानीय निकाय निदेशालय ने बजट देने के लिए सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों, नगर पंचायतों, नगर पालिका परिषदों अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिख दिया है। इससे आरोग्य मंदिरों के संचालन के लिए 213.47 करोड़ रुपये जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।
बजट मिलने से 147 नए शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। मार्च 2026 तक 15वें वित्त आयोग से जारी धनराशि का उपयोग होना जरूरी है।
34 जिलों के 51 निकायों में 9.50 करोड़ रुपये से नए आरोग्य मंदिरों की स्थापना की जानी है। प्रत्येक आरोग्य मंदिर के लिए 13.96 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।

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