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    अब लखनऊ, रायबरेली, फतेहपुर के ARTO पर गिरी गाज, रिश्वत लेकर ओवरलोड ट्रक पास कराने वाले अधिकारियों पर बड़ा एक्शन

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:50 PM (IST)

    लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) को रिश्वत लेकर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एस ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, लखनऊ । रिश्वत लेकर ओवरलोड वाहनों को पास कराने में आरोपित लखनऊ, रायबरेली व फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन को भी निलंबित कर दिया गया है। सभी को निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध करते हुए तीनों की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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    स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गोमतीनगर लखनऊ ने हमीरपुर, महोबा सहित बुंदेलखंड के जिलों से मौरंग, गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों को रिश्वत लेकर पास कराने का भंडाफोड़ करते हुए 12 नवंबर को एफआइआर दर्ज कराया था। लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव जिले में दर्ज तीन एफआइआर में परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व वाहनों को पास कराने के सिंडीकेट में शामिल करीब 25 लोगों को नामजद किया गया था।

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद से नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय आना बंद कर दिया था। नामजद होने के 48 दिन बाद परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह की ओर से जारी आदेश में लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के अंबुज और फतेहपुर की पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित कर दिया गया है।

    सभी को निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध करते हुए तीनों की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी जल्द ही आरोपपत्र तैयार करके शासन को उपलब्ध कराएंगे। दैनिक जागरण ने 30 नवंबर को लखनऊ, रायबरेली व फतेहपुर के एआरटीओ भी होंगे निलंबित शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था।

    29 नवंबर को पीटीओ व सिपाही हो चुके निलंबित
    परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इसी प्रकरण में लखनऊ के पीटीओ मनोज कुमार, रायबरेली की रेहाना बानो व फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को 29 नवंबर को निलंबित करके सभी को परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया था। इसी तरह लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के प्रवर्तन पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, उन्नाव के ही प्रवर्तन सिपाही रणजीत कुमार व प्रदीप सिंह और रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद को सस्पेंड किया जा चुका है। इन अधिकारियों की विभागीय जांच उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन) विजय कुमार सिंह को सौंपी गई थी।