UP में कोचिंग कोर्स को-ऑर्डिनेटर बने अपात्रों से होगी 7 करोड़ की वसूली, आउटसोर्सिंग की सभी भर्तियों का वेरिफिकेशन कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत अपात्र कोचिंग कोर्स कोआर्डिनेटरों से 7 करोड़ रुपये की वसूली की तैयारी है। दो साल से नौकरी कर रहे 48 अपात्रों की भर्ती ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग कोर्स कोआर्डिनेटर के पद पर आउटसोर्सिंग पर भर्ती किए गए अपात्र दो साल से नौकरी कर रहे थे। विभाग अब इनसे दिए गए वेतन की वसूली की तैयारी कर रहा है। यह राशि लगभग सात करोड़ रुपये है। साथ ही समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने आउटसोर्सिंग पर भर्ती सभी कर्मचारियों के सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
एक शिकायत के बाद विभाग की ओर से कराई गई जांच में कोचिंग कोर्स कोआर्डिनेटर के 48 पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा अपात्रों की भर्ती कराने का मामला सामने आया है। मामले में बुधवार को आउटसोर्सिंग कंपनी अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ और भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा पास होना है अनिवार्य
इस पद के लिए अभ्यर्थी का यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा पास होना अनिवार्य है। अपात्रों को नियुक्ति दिलाने के लिए फर्जी अभिलेखों का इस्तेमाल किया गया था। विभाग की ओर से कोचिंग कोर्स कोआर्डिनेटरों को 60 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है और संबंधित भर्ती दो साल पहले हुई थी।
इसके हिसाब से अब तक उनको सात करोड़ रुपये से अधिक का वेतन दिया जा चुका था। सूत्रों के मुताबिक अपात्रों की भर्ती के मामले में विभागीय लोगों की मिलीभगत सामने आ सकती है। अन्य भर्तियों में भी ऐसे मामले सामने आने का संदेह है। इसके चलते सभी के अभिलेखों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। संस्था को ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।

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