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    अंतिम व्यक्ति का उदय: योगी सरकार का 'जीरो पावर्टी' मॉडल बना समावेशी विकास की नई पहचान

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 04:58 PM (IST)

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश को 'जीरो पावर्टी' की ओर ले जा रही है। यह मिशन 'पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम' पर आधारित है, जिसका लक्ष्य विकास की मुख्यधारा से ...और पढ़ें

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    डिजिटल टीम, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब 'जीरो पावर्टी' (शून्य गरीबी) के लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का यह महत्वाकांक्षी मिशन अब केवल नीतिगत घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जमीनी सत्यापन के मेल से एक ठोस धरातल पर उतर चुका है। इस अभियान का मूल मंत्र है—"पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम।" सरकार का लक्ष्य हर उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है जो अब तक विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था।

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    दो चरणों में गरीबी के दुष्चक्र पर प्रहार

    योगी सरकार ने गरीबी को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए दो-स्तरीय रणनीति अपनाई है-

    प्रथम चरण: 8 प्रमुख योजनाओं में DBT का कवच अभियान के पहले चरण में 8 मूलभूत योजनाओं के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में लाभ पहुँचाने (DBT) पर ध्यान केंद्रित किया गया।

    खाद्य सुरक्षा: राशन योजना में 97 प्रतिशत पात्र परिवारों तक पहुँच बनाकर राज्य ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

    पेंशन और स्वास्थ्य: निराश्रित महिला पेंशन में 87% और दिव्यांग पेंशन में 62% लाभार्थियों को जोड़ा जा चुका है। वहीं, जन आरोग्य योजना के तहत 63 प्रतिशत परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।

    द्वितीय चरण: घर-घर जाकर वंचितों की तलाश 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में सरकार उन परिवारों का स्थलीय सत्यापन कर रही है जो किसी कारणवश छूट गए थे। 15 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस अभियान में पीएम उज्ज्वला, शौचालय सहायता, जल जीवन मिशन और विद्युत कनेक्शन जैसी 16 योजनाओं के लिए पात्र लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।

    जमीनी हकीकत: रामसागर और उर्मिला के जीवन में बदलाव

    लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू इस मिशन की सफलता के जीवंत उदाहरण हैं। कभी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसने वाले इन परिवारों के पास आज अपना पक्का मकान, बिजली कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल और नियमित राशन की सुविधा उपलब्ध है। इनके लिए 'जीरो पावर्टी' मिशन केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का जरिया बन गया है।

    सशक्तिकरण के नए आयाम: शिक्षा और महिला स्वावलंबन

    सरकार का ध्यान केवल वर्तमान राहत पर ही नहीं, बल्कि भविष्य को संवारने पर भी है।

    शिक्षा: सर्वे के जरिए चिन्हित किए गए करीब 11 हजार बच्चों को पुनः स्कूलों में नामांकित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

    आजीविका: महिलाओं को बड़े पैमाने पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: जवाबदेही की गारंटी

    योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। यहाँ प्राप्त होने वाले फीडबैक के आधार पर ही नीतियों में सुधार किया जा रहा है और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।

    संख्या बल से आगे बढ़कर वास्तविक 'पात्रता' को आधार बनाने वाला योगी सरकार का यह मॉडल न केवल उत्तर प्रदेश को गरीबी से बाहर निकालेगा, बल्कि समावेशी विकास का एक नया राष्ट्रीय प्रतिमान भी स्थापित करेगा।