कालाबाजारी पर योगी सरकार का 'डिजिटल प्रहार', डिपो से दुकान तक हर बोरी पर जीपीएस की नजर
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया है। 5,000 से अधिक वाहन ...और पढ़ें

डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ी तकनीकी क्रांति की है। प्रदेश में खाद्यान्न की चोरी, लीकेज और कालाबाजारी पर निर्णायक लगाम लगाने के लिए अब जीपीएस (GPS) आधारित ट्रैकिंगसिस्टम को पूरी सप्लाई चेन का हिस्सा बना दिया गया है। 5,000 से अधिक वाहनों के माध्यम से अनाज डिपो से लेकर कोटेदार की दुकान तक होने वाली एक-एक बोरी की आवाजाही पर अब लखनऊ में बैठे अधिकारियों की डिजिटल नजर है।
सिंगलस्टेज 'डोर स्टेपडिलीवरी' मॉडल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के इस तालमेल ने न केवल बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि गरीबों के हक का राशन रास्ते में डाइवर्ट न हो सके। खरीफ सत्र 2025-26 के तहत धान और मोटे अनाज की खरीद में भी इसी पारदर्शिता को अपनाते हुए हजारों वाहनों को जीपीएस कवच से लैस किया गया है, जिससे यूपी की जन वितरण प्रणाली अब देश के लिए एक डिजिटलरोलमॉडल बनकर उभरी है।
डिजिटल निगरानी से खत्म हुई कालाबाजारी
प्रदेश में खाद्यान्न के उठान कार्यों में लगे 5000 से अधिक वाहनों में जीपीएसडिवाइसइंस्टाल की जा चुकी है। इससे भारतीय खाद्य निगम के डिपो से उचित दर दुकानों तक होने वाला पूरा परिवहन रियल टाइम ट्रैक किया जा रहा है। वाहन कहां से चला, कहां रुका और तय समय में गंतव्य तक पहुंचा या नहीं, हर जानकारी कंट्रोलसिस्टम में दर्ज हो रही है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि रास्ते में खाद्यान्न की हेराफेरी, डायवर्जन और कालाबाजारी लगभग समाप्त हो गई है।
धान और मोटे अनाज की खरीद में भी सख्त निगरानी
खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में धान खरीद के दौरान भी जीपीएसट्रैकिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में क्रय केन्द्रों से राइसमिलों तक धान परिवहन में प्रयुक्त 3773 वाहनों में जीपीएस डिवाइस इंस्टाल की गई है। इसके अलावा मोटे अनाज मक्का, ज्वार और बाजरा के परिवहन के लिए 1428 वाहनों को भी जीपीएस से जोड़ा गया है। इससे सरकारी खरीद से लेकर भंडारण डिपो तक की पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी हो गई है।
सिंगलस्टेज डोर स्टेपडिलीवरी से सिस्टम हुआ मजबूत
प्रदेश में ब्लॉक गोदामों की व्यवस्था समाप्त कर सिंगलस्टेज डोर स्टेपडिलीवरीमॉडल लागू किया गया है। इसके तहत भारतीय खाद्य निगम के डिपो से सीधे उचित दर विक्रेताओं की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। यह पूरा कार्य ई-टेंडर के माध्यम से नियुक्त ठेकेदारों से कराया जा रहा है जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और जवाबदेही तय हुई है। जीपीएसट्रैकिंग के साथ यह मॉडलजनवितरण प्रणाली में पारदर्शिता की रीढ़ बन गया है।
निर्बाध और सुरक्षित वितरण प्रणाली का निर्माण
प्रदेश में चयनित लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक कुल 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाजों का आवंटन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अंत्योदय लाभार्थियों हेतु 36850.35 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जा चुका है। जीपीएसट्रैकिंग व्यवस्था के कारण यह सुनिश्चित हो रहा है कि यह खाद्यान्न बिना चोरी, बिना कटौती और सही समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी खाद्यान्न अब रास्ते में गायब नहीं होगा। तकनीक के सहारे निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्मार्टसिस्टम से खाद्यान्न चोरी जैसे पुराने संकट को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।

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