उत्तर प्रदेश में खुलेगी देश की पहली बीएसएल-4 लैब, वायरस और जैविक हथियारों पर होगा रिसर्च
लोगों को महामारी के प्रकोप से बचाने के लिए प्रदेश एनसीडीसी के साथ मिलकर काम करेगा। दोनों एकीकृत निगरानी प्रणाली विकसित करेंगे। प्रकोपों व आपदाओं से बच ...और पढ़ें

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। देश की पहली बायो सेफ्टी लेवल (बीएसएल) -फोर लैब यूपी में खुलेगी। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा स्थापित की जाने वाली इस लैब में कोरोना की और बेहतर ढंग से जांच की जा सकेगी। न सिर्फ जांच का दायरा बढ़ेगा बल्कि महामारी फैलने पर सटीक जांच की जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्थापित की जा रही इस पहली बीएसएल-फोर लैब के लिए शिमोमी धाम ट्रस्ट द्वारा बांदा में 100 एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी।
लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में आयोजित कार्यक्रम में राजधानी में एनसीडीसी की शाखा खोलने के लिए समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में भारत सरकार के संयुक्त सचिव प्रणेश चंद्र शुक्ला, एनसीडीसी के अपर निदेशक अनिल डी पाटिल की मौजूदी में एमओयू किया गया। सरोजनी नगर के जैती खेड़ा में इसके लिए ढाई एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस शाखा के खुलने से यूपी महामारी से और मजबूती से मुकाबला करेगा। यह एनसीडीसी की 10 वीं शाखा होगी।
अभी तक वाराणसी सहित नौ शाखाएं हैं। लोगों को महामारी के प्रकोप से बचाने के लिए प्रदेश एनसीडीसी के साथ मिलकर काम करेगा। दोनों एकीकृत निगरानी प्रणाली विकसित करेंगे। प्रकोपों व आपदाओं से बचाने के लिए तैयारी की जाएगी। जन स्वास्थ्य की चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों में क्षमता निर्माण करने में यह केंद्र सहायता देगा। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि एनसीडीसी की मदद से बीएसएल-फोर लैब खोलने का काम तेजी से किया जाएगा। कार्यक्रम में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. वेद ब्रत ङ्क्षसह व संयुक्त निदेशक डा. विकासेन्दु अग्रवाल भी मौजूद रहे।

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