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    ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण में नाकाम तीन ARTO निलंबित, सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:43 PM (IST)

    एसटीएफ ने नवंबर में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था। इनसे पूछताछ के बाद रायबरेली, फतेहपुर व लखनऊ के एआरटीओ स ...और पढ़ें

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    भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

    जागरण संवाददाता, लखनऊ: रायबरेली और फतेहपुर रूट पर ओवरलोड वाहनों से लंबे समय से चल रहे वसूली नेटवर्क में शामिल तीन एआरटीओ के खिलाफ एक महीने पहले दर्ज केस के बाद गुरुवार को बड़ा एक्शन हो गया।

    भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। रिश्वत लेकर ओवरलोड वाहनों को पास कराने में आरोपित लखनऊ, रायबरेली व फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन को भी निलंबित कर दिया गया है।

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    सभी को निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध करते हुए तीनों की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। एसटीएफ ने इन सभी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में ओवरलोड वाहनों को निकलवाने का आरोप लगाया था।

    स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गोमतीनगर लखनऊ ने हमीरपुर, महोबा सहित बुंदेलखंड के जिलों से मौरंग, गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों को रिश्वत लेकर पास कराने का भंडाफोड़ करते हुए 12 नवंबर को एफआइआर दर्ज कराया था। लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव जिले में दर्ज तीन एफआइआर में परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व वाहनों को पास कराने के सिंडीकेट में शामिल करीब 25 लोगों को नामजद किया गया था।

    गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज 

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद से नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय आना बंद कर दिया था। नामजद होने के 48 दिन बाद परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह की ओर से जारी आदेश में लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के अंबुज और फतेहपुर की पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित कर दिया गया है। सभी को निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध करते हुए तीनों की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।

    झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी जल्द ही आरोपपत्र तैयार करके शासन को उपलब्ध कराएंगे। दैनिक जागरण ने 30 नवंबर को लखनऊ, रायबरेली व फतेहपुर के एआरटीओ भी होंगे निलंबित शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था।

    रायबरेली की लालगंज कोतवाली सहित लखनऊ के मड़ियांव थाना में दर्ज केस में एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी, एआरटीओ रायबरेली अंबुज, पीटीओ रेहाना, एआरटीओ लखनऊ राजू बंसल और दलाल विनोद समेत कई अधिकारी नामजद थे।

    29 नवंबर को पीटीओ व सिपाही हो चुके निलंबित

    परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इसी प्रकरण में लखनऊ के पीटीओ मनोज कुमार, रायबरेली की रेहाना बानो व फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को 29 नवंबर को निलंबित करके सभी को परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया था। इसी तरह लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के प्रवर्तन पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, उन्नाव के ही प्रवर्तन सिपाही रणजीत कुमार व प्रदीप सिंह और रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद को सस्पेंड किया जा चुका है। इन अधिकारियों की विभागीय जांच उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन) विजय कुमार सिंह को सौंपी गई थी।

    दलाल मोहित के पास 141 ओवरलोड वाहनों की सूची

    एसटीएफ ने इस गिरोह के दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार दलाल मोहित सिंह के पास 141 ओवरलोड वाहनों की सूची, बैंक पासबुक, तीन मोबाइल, सात बैंक कार्ड और एक स्कॉर्पियो कार बरामद की गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला था कि यह नेटवर्क लंबे समय से रायबरेली-फतेहपुर रूट पर ओवरलोड वाहनों का संचालन करा रहा था। इससे हो रही वसूली ने हर महीने लाखों रुपये का भ्रष्टाचार तंत्र खड़ा कर रखा था। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक माह लगभग ढाई करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जाती थी।

    एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम लखनऊ संबद्ध

    परिवहन विभाग के विशेष सचिव खेमपाल सिंह ने जिले की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इनके खिलाफ 12 नवंबर को रायबरेली के लालगंज थाने में एसटीएफ लखनऊ ने मौरंग परिवहन से वसूली का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके आधार पर 28 नवंबर को परिवहन आयुक्त ने निलंबन की संस्तुति विशेष सचिव परिवहन को भेजी थी, जिस पर विशेष सचिव ने निलंबन करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई संपादित कराने के लिए उप परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति को जांच अधिकारी बनाया है।