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    जाली आयुष्मान कार्ड मामले में चार लोगों के और नाम आए सामने, हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी STF

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:54 PM (IST)

    एसटीएफ ने जाली आयुष्मान भारत कार्ड बनाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। खरगापुर से सात गिरफ्तारियों के बाद अब चार और संदिग्धों के नाम सामन ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, लखनऊ। जाली आयुष्मान भारत कार्ड बनाने वाले गिरोह के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई तेज कर दी है। बीते दिनों खरगापुर क्षेत्र से जाली आयुष्मान कार्ड बनाने वाले सरगना समेत सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े चार और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।

    एसटीएफ इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह सिर्फ एक जिले या प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि दिल्ली समेत कई बड़े शहरों तक फैला हुआ है।

    एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि गिरोह का मुख्य संचालक दिल्ली में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। वहीं, उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास सक्रिय रहते थे।

    यह लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाली आयुष्मान कार्ड तैयार कराते और जरूरतमंदों को असली कार्ड होने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे।

    पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह ने बाकायदा एक संगठित ढांचा तैयार कर रखा था। इसमें कुछ लोग लाभार्थियों का डेटा जुटाने का काम करते थे, तो कुछ लोग तकनीकी माध्यम से कार्ड बनाने और पोर्टल पर फर्जी एंट्री कराने में माहिर थे।

    अस्पतालों में बैठे उनके सहयोगी जाली कार्ड के जरिए इलाज कराने में मदद करते थे, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा था। एसटीएफ को अब चार और ऐसे लोगों के नाम मिले हैं, जो इस गिरोह को विस्तार देने में अहम भूमिका निभा रहे थे।

    यह लोग नए एजेंट तैयार करते थे और उन्हें जाली आयुष्मान कार्ड बनाने की ट्रेनिंग देते थे। शुरुआती जांच में इनके कई अस्पतालों और निजी क्लीनिकों से संपर्क होने की बात भी सामने आई है।

    एसटीएफ जल्द ही इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें। साथ ही अस्पतालों में बैठे ऐसे कर्मचारियों और एजेंटों की भी पहचान की जा रही है, जो इस गिरोह को संरक्षण दे रहे थे।

    आयुष्मान भारत योजना से जुड़े रिकार्ड खंगाले जा रहे

    इस मामले में जांच अभी शुरुआती दौर में है और आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं। एसटीएफ यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने जाली आयुष्मान कार्ड बनाए गए और उनसे कितने करोड़ रुपये का फर्जी इलाज कराया गया।

    इसके लिए संबंधित अस्पतालों और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अबी तक तीन हजार से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाने की बात सामने आई थी।

    यह लोग गिरफ्तार

    सरगना चंद्रभान वर्मा (मूल निवासी पट्टी, प्रतापगढ़, वर्तमान पता खरगापुर) राजेश मिश्रा (जैदपुर,बाराबंकी), सुजीत कनौजिया (सफदरगंज, बाराबंकी), सौरभ मौर्या (जैदपुर, बाराबंकी), विश्वजीत सिंह (परसपुरा,गाजीपुर), रंजीत सिंह (माल, लखनऊ) आयुष्मान मित्र कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ और अंकित यादव (सैफई,इटावा)।

    इनके पास से 12 मोबाइल, पांच लैपटाप, 129 लोगों के फर्जी दस्तावेज, 70 लोगों के जाली आयुष्मान कार्ड, 22 एटीएम कार्ड, नकदी और एक कार समेत अन्य माल बरामद हुआ है।